चुनावी रंजिश में चलता झूठ और अपहरण का सिलसिला

प्रदेश के सत्ता परिवर्तन होते ही अब चुनावी रंजिशों का दौर शुरू हो गया है। कोई किसी पर अपहरण का आरोप लगता है तो कोई किसी पर अविश्वास प्रस्ताव लाने का आरोप लगता है। अब फिर ऐसा ही एक मामला मेरठ के खरखौदा में सामने आया है। जहां सपा नेता पर एक बीडीसी सदस्य को अपहरण करने का आरोप लगा था। लेकिन सपा नेता ओमपाल गुर्जर उस सदस्य के साथ काफी सदस्यों को लेकर पुलिस ऑफिस पहुंचे और अपने आप को निर्दोष बताते हुए अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया।

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दरअसल मेरठ के खरखौदा ब्लॉक से सपा नेता ओमपाल गुर्जर की पत्नी मंजू गुर्जर जिला पंचायत सदस्य हैं। वो खुद बीडीसी हैं, जहां अब उनकी पत्नी के खिलाफ भाजपा के बीडीसी अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश में लगे हैं। जिसके चलते भाजपा के लोगों ने सपा नेता ओमपाल गुर्जर पर अपनी पत्नी का पद बचाने के लिए धर्मेंद्र नाम के बीडीसी का अपहरण करने का आरोप लगाया है। लेकिन शनिवार को ओमपाल गुर्जर उस बीडीसी सदस्य को लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंचे।

एसएसपी ऑफिस पहुंच कर पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी का अपहरण नहीं किया है, बल्कि बीडीसी धमेंद्र उनके साथ हैं। इस दौरान सपा नेता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा के लोग इस तरह से उनको परेशान करके दोबारा चुनाव करना चाहते हैं। लेकिन वो पूरी तरह से तैयार हैं। उधर पुलिस ने भी पुरे मामले को सुनने के बाद सपा नेता को क्लीन चिट दे दी है। हालांकि इस मामले में कोई मुकदमा तो दर्ज नहीं किया गया था, लेकिन भाजपा के लोग दबाव बनाकर मुकदमा करा सकते थे। उससे पहले ही बीडीसी को पुलिस के सामने ओमपाल ने मुकदमा होने से बचा लिया।