एजाज खान को बचपन में बहिष्कृत माना जाता था

आगामी पॉलिटिकल ड्रामा शोरगुल में एक आतंकवादी की भूमिका निभा रहे चर्चित टेलीविजन अभिनेता एजाज खान ने अपनी इस भूमिका के लिये अपने व्यक्तित्व को काफी बदला है। अपनी असली जिंदगी के व्यक्तित्व के विपरीत एजाज छह महीने तक एक मौलाना के पास गये और अपने किरदार की तैयारी के लिए वे एक दिन में तीन बार कुरान पढ़ा करते थे। इसके साथ ही वह हर दिन अपनी डाइट के हिस्से के तौर पर 14 प्लेट गलौटी कबाब खाया करते थे। उन्होंने गोधरा, बाबरी मस्जिद और मुजफ्फरनगर दंगों के कुछ पीड़ितों से भी बातचीत की, ताकि कहानी के दोनों पहलुओं को वह समझ सकें। सबसे अधिक भयानक यह है कि फिल्म की शूटिंग खत्म होने के बाद एजाज को 6 महीने तक थैरेपिस्ट के पास काउंसलिंग सेशन के लिये जाना पड़ा, क्योंकि फिल्म का उन पर गहरा असर पड़ा था। वास्तव में उनके अच्छे दोस्तों और सह-कलाकारों अनिरूद्ध दवे, सुहा गेजेन और हितेन तेजवानी को सेट पर उनसे डर भी लगने लगा, क्योंकि वह खुद को लॉक कर लेते थे और शूटिंग के दौरान काफी कम बोलते थे।

Ezaz Khan
एजाज खान ने बताया, ‘‘मैंने यह भूमिका इसलिये ली क्योंकि मेरा एक कज़िन (चचेरा भाई) कट्टरपंथी था और मैंने इस किरदार की तैयारी उसी से प्रेरणा लेकर की। मुझे याद है कि बचपन में मेरा घर जला दिया गया था और मेरी सोसायटी में पुकारे जाने वाले नाम का कहीं न कहीं एक गहरा प्रभाव था। कई लोगों को यह पता नहीं है, लेकिन मैंने एक एनजीओ मुस्कान में मुस्लिम अनाथों को गोद ले रखा है। मुझे पता है कि जब आपको दुत्कारा जाता है, तो कैसा लगता है। मुझे बस एक बात का अफसोस है कि फिल्म में मैं डांस नहीं कर पाया और इसकी कमी मुझे काफी खली।‘‘

24 एफपीएस प्रोडक्षंस द्वारा निर्मित यह पाॅलिटिकल ड्रामा फिल्म असहिष्णुता के विचार पर आधारित है। यह दर्षकों को इस बात पर मना करने के लिए प्रेरित करना चाहती है कि तमाम धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक पूर्वाग्रह के ष्षोर-षराबे के बीच मानवता कहां खड़ी है। उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म वास्तविक जीवन की संवेदनशील घटनाओं द्वारा प्रेरित है, जो लोकतंत्र के आधार को हिला कर रख देते हैं। फिल्म मुजफ्फरनगर, गोधरा, बाबरी मस्जिद दंगों जैसे हालिया अतीत के संगीन विषयों को स्पर्श करती है। इसके अलावा यह प्रषासनिक खामियों और कुछ हाइ प्रोफाइल ष्षख्सियतों के दिमागी खेल तथा विवादास्पद दांव का भी हवाला देती है। फिल्म के किरदार असल जिंदगी के राजनेताओं जैसे कि अखिलेश यादव, संगीत सोम, आजम खान से समानता रखते हैं। फिल्म के कुछ प्रमुख कलाकार चेहरे, हाव-भाव, छवि और यहां तक कि नाम भी वास्तविक नेताओं का आभास देंगे। जितेन्द्र तिवारी और पी. सिंह द्वारा निर्देशित फिल्म के निर्माता हैं- स्वतंत्र विजय सिंह और व्यास वर्मा। फिल्म में जिम्मी शेरगिल, आशुतोष राणा, संजय सूरी, नरेन्द्र झा, हितेन तेजवानी, एजाज खान, सुहा गेजेन, अनिरूद्ध दवे, दीपराज राणा व कई अन्य चर्चित सितारे प्रमुख भूमिकायें अदा कर रहे हैं।