सवालों के घेरे में 60 हजार शिक्षकों के दस्तावेज, CBI जांच की सिफारिश

देहरादून। सत्ता संभालते ही प्रशासनिक व्यवस्था को दुरूस्त करने में लगी हुई भाजपा सरकार एक के बाद एक नए और ठोस कदम उठाने में लगी हुई है। पहले सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से कानूनी व्यवस्था को ठीक करने के लिए निर्देश दिए गए और अब सूबे के शिक्षा मंत्री ने सरकारी शिक्षकों के दस्तावेजों के जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के 60 हजार से ज्यादा शिक्षकों के दस्तावेज पर संदेह जताते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इस मामले में उत्तराखंड के बार काउंसिल के अध्यक्ष व महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर अधिवक्ताओं के प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर काउंसिल में पंजीकृत 12500 अधिवक्ताओं से सत्यापन फार्म लेने के लिए कहा गया था, जिनमें से 10500 अधिवक्ताओं ने ही फॉर्म के लिए आवेदन किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विधि आयोग की ओर से अधिवक्ता विधेयक में संशोधन की सिफारिशें गलत हैं। बार काउंसिल में रिटायर जज व अफसर की भूमिका निर्धारित करना। कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व अध्यक्ष की विशेष कमेटी के सदस्य तिवारी ने कहा कि अब तक जांच पूरी होने के बाद अब तक 80 अधिवक्ताओं को प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं।