उत्तराखंड में पेयजल कर्मियों ने किया 16 जनवरी से आंदोलन का ऐलान

देहरादून। पेयजल निगम अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने बकाया भुगतान, डीए, ग्रेच्युटी आदि मांगों को लेकर सरकार पर नए सिरे से दबाव बनाने की रणनीति तैयार की है। समिति की बैठक में मांगों के निस्तारण को लेकर सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की समीक्षा की गई। बैठक में 16 जनवरी से आंदोलन का ऐलान किया गया।

परेड ग्राउंड स्थित संघ भवन में बीते शुक्रवार को हुई बैठक में समिति के प्रांतीय अध्यक्ष एके चतुर्वेदी व महामंत्री प्रवीन रावत ने कहा कि देश में 19 प्रदेशों में पेयजल व सीवरेज के लिए एकीकृत राज्य विभाग स्थापित है। उत्तराखंड में भी पेयजल के राजकीयकरण को लेकर सरकार से कई बार मांग की जा चुकी है। सरकार ने आश्वासन भी दिया। बावजूद इसके सालों से बात आश्वासन से आगे नहीं बढ़ रही है।

वहीं सातवें वेतन आयोग के अनुरूप कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन पेंशन ग्रेच्युटी आदि का भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया, जिससे कर्मियों में भारी आक्रोश हैं। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पेयजल के एकीकरण के साथ बकाया वेतन, पेंशन, बोनस, डीए, ग्रेच्युटी, राशिकरण के भुगतान को लेकर आंदोलन किया जाएगा। समिति 16 जनवरी को सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन करेगी। 23 जनवरी को पेयजल मंत्री का घेराव और 30 जनवरी को मुख्यालय का घेराव करेगी।