कांवड़ यात्रा में नहीं बजेंगे डीजे, म्यूजिक सिस्टम पर बजेंगे सिर्फ भजन

सावन के महीने में श्रद्धालु भगवान भोले नाथ को याद करते हुए कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। लेकिन कई श्रद्धालु कांवड़ लेने के लिए अपने साथ डीजे बजाने का सामान लेकर जाते हैं। कई लोग सड़कों पर तेज आवाज में डीजे बजाते हुए अपना काफिला निकालते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने वाला है। दस जुलाई से आरम्भ होने वाली कांवड़ यात्रा में इस बार डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। वाहनों में पहले से लगे म्यूजिक सिस्टम पर सिर्फ भजन ही चलाए जा सकेंगे। यही नहीं, इस बार डंडे, हॉकी, त्रिशूल आदि भी कांवड़ यात्रा के दौरान प्रतिबंधित रहेंगे।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कांवड़ पटरी का निरीक्षण कर धरातल स्तर पर कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया है। दोनों राज्यों के एडीजी ने कहा कि यात्रा के दौरान डीजे प्रतिबंधित रहेगा, जबकि वाहनों में पहले से लगे म्यूजिक सिस्टम की आवाज सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित मानकों के तहत ही रहेगी। वहीं सिर्फ भजन ही वाहनों से प्रसारित हो सकेंगे।  मेरठ (उत्तर प्रदेश) के एडीजी (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार, आयुक्त सहारनपुर रेंज दीपक कुमार, उत्तराखंड के एडीजी कानून व्यवस्था राम सिंह मीणा व आयुक्त विनोद शर्मा के नेतृत्व में दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में उत्तराखंड के अधिकारियों ने कांवड़ पटरी का कार्य जल्द पूरा होने व गंगनहर किनारे रोड़ और क्षतिग्रस्त दीवारों को समय रहते पूरा करने की बात कही।

इस दौरान संयुक्त रूप से अधिकारियों ने रूट डायवर्ट होने वाले मार्गों का भी निरीक्षण किया। एडीजी आनंद कुमार ने कहा कि दोनो राज्यों के अधिकारी व पुलिसकर्मी संयुक्त रूप से कांवड़ पटरी मार्ग व बार्डर पर निरीक्षण करेंगे। दोनों राज्यों की मौजूदगी वाली पुलिस चौकियां खोली जाएंगी। कंट्रोल रूम में दोनों राज्यों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहकर जानकारी का आदान-प्रदान करेंगे। डाक कांवड़ के दौरान 15 से 21 जुलाई तक रूट डायवर्ट रहेगा। हाईवे पर कांवड़ियों के वाहन चलेंगे। उत्तराखंड के आयुक्त विनोद शर्मा ने कहा कि कांवड़ पटरी पर अभी कार्य होना बाकी है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्धारित से अधिक त्रिशुल की लंबाई, कांवड़, बेसबाल बैट, हॉकी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगे।