दिव्यांग ने मौत को लगाया गले :मेरठ

उत्तर प्रदेश।कार्रवाई से इंकार कर दिया है। मेरठ के थाना गंगानगर के कसेरू बक्सर निवासी मनोज शुक्रवार को साहिबाबाद में रहने वाले अपने ताऊ रतन सिंह के घर जाने के लिए निकला था पिता करण सिंह उसे भैंसाली बस अड्डे पर  रोडवेज बस में बैठा कर आए थे मनोज देर रात तक आपने रिश्तेदार के घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने खोजबीन  शुरू कर दी पूरी रात उसके मोबाइल पर कॉल जाती  लेकिन रिसीव नहीं हुई ।सुबह 7:00 बजे दिल्ली के आनंद विहार थाने की पुलिस का फोन मनोज की बहन सरिता के पास पहुंचा और रेल पटरी पर उसका शव  पड़ा  होने की सूचना दी.परिजन जब  आनंद विहार थाने पहुंचने तो पता चला की शव रेलवे पटरी पर  पड़ा था बॉडी पर किसी तरह की कोई  चोट का कोई निशान नहीं था। परिजनों ने पहले तो हत्या की आशंका जाहिर की लेकिन असलियत सझने पर शांत हो गए।

आपको बता दे  मनोज ने  पड़ोस में रहने वाले उसके हमनाम मनोज पर  नौकरीनाम लगाने के नाम  280000 रुपए की ठगी करने का आरोप लगाया था फिर दिल्ली में ट्रेन हादसे में उसका एक पैर कट गया था। जिसकी शिकायत उसने पुलिस की थी  जिसकी उसने कई बार शिकायत मेरठ के पुलिस अधिकारियों से की यहां तक कि SSP के यहां उसने आत्मदाह का प्रयास भी किया था आख़िर में जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसने SSP के यहां आत्महत्या करने का भी प्रयास किया था। जाते जाते उसने एसएसपी से यह भी कहा था कि अब उनके पास कभी नहीं आएगा