शिप्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी: शनिश्चरी अमावस्या

उज्जैन। शनिश्चरी अमावस्या के पर्व पर शनिवार को त्रिवेणी शनि मंदिर पर हजारों श्रद्धालुओं ने शिप्रा नदी में स्नान कर शनिदेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस बार जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुगमता से शनिदेव के दर्शन और स्नान घाट पर जाने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई।  दर्शनार्थियों द्वारा व्यवस्थाओं की सराहना की गई। कलेक्टर संकेत भोंड़वे ने घूम-घूम कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भोंड़वे ने नाव में बैठकर व्यवस्थाएं देखीं और अधिकारियों को व्यवस्थाओं के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बता दें कि स्नानघाटों पर साफ-सफाई की उत्तम व्यवस्थाएं की गई। घाटों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुराने कपड़े, जूते-चप्पल उतारने और कचरा आदि रखने पर तुरन्त सफाई कर्मियों द्वारा सफाई की जा रही थी। घाट पर महिलाओं के स्नान करने के बाद कपड़े बदलने के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की शानदार तैयारियों से शनिश्चरी अमावस्या पर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित शिप्रा में स्नान हुआ वहीं भगवान शनिदेव के दर्शन सुलभ हो सके। हजारों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी घाट के अलावा प्रशांति धाम घाट एवं प्रशांति घाट के सामने सिंहस्थ में बने वी.आई.पी. घाट पर शिप्रा नदी में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं के लिए फव्वारे भी लगाए गए थे। फव्वारों से भी कई श्रद्धालुओं ने स्नान किया।

जिला प्रशासन द्वारा तैराक दलों को भी तैनात किया गया था। वहीं शिप्रा नदी में त्रिवेणी घाट पर रस्से का पुल भी बनाया गया था ताकि कोई घटना होने पर स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके। कलेक्टर संकेत भोंड़वे के अलावा अपर कलेक्टर वसंत कुर्रे, डिप्टी कलेक्टर अवधेश शर्मा, तहसीलदार संजय शर्मा सतत व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे। इस अवसर पर शनि मंदिर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तैनात किया गया था। होमगार्ड के तैराकों की यूनिफार्म में तैनाती की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिमंदिर परिसर में पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य रक्षक दवाइयां रखकर अस्थाई डिस्पेंसरी बनाई गई थी। कलेक्टर भोंड़वे के निर्देशन में दान दाताओं के लिए दान की कैशलेस व्यवस्था की गई। दान दाता मशीनों पर क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड के माध्यम से दान कर रहे थे।