जारी है डेंगू और चिकनगुनिया का कहर, अब तक 50 से ज्यादा मौत

जयपुर। राजस्थान में डेंगू और चिकनगुनिया ने अपना पैर पसारता जा रहा है, प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 50 से ज्यादा मौतें हो चुकी है। वहीं पिछले एक सप्ताह में 10 लोगों की मौत हुई, इनमें पुलिस के दो सिपाही शामिल है। कई घटनाएं तो ऐसी भी सामने आ रही हैं जिनमें इलाज के अभाव में लोगों की मौत हो गई। राज्य में बीमारी के बढ़ रहे कहर को देखते हुएचिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ और कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित कुछ नेताओं को चिकनगुनिया होने के बाद हरकते में आए प्रशासन ने फॉगिंग करने के आदेश जारी किए गए है। डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया का प्रकोप बढने के कारण अस्पतालों में इतनी भीड़ लगने लगी है कि मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं।

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स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर बी.आर. मीणा का कहना है कि इससे पहले जिस मरीज को डेंगू या चिकनगुनिया होता था, उसके घर के आसपास फॉगिंग की जाती थी बाकी इलाकों के लिए अब मशीनें नगर निगम को भेजी गई है। राजस्थान में डेंगू के करीब 400, चिकनगुनिया के 75, स्क्रब्स टायफस के 290 और मलेरिया के करीब 300 केस पिछले 6 महीने में सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग में सभी छुट्टियां और तबादले रद करते हुए सरकारी अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया की जांच फ्री कर दी गई है, लेकिन अस्पताल में आए मरीज कही बिस्तर नहीं होने तो कहीं प्लेटलेट की कमी की वजह से इलाज नहीं हो पाने का आरोप लगा रहे हैं।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार राज्य के बड़े अस्पतालों का भी यही मंजर हैकिसी को ज्यादा भीड़ होने की वजह से डॉक्टर दवा देकर भेज दे रहे है तो कोई प्लेटलेट के लिए भटक रहा है। कई मरीज है कि अस्पताल के बाहर ही डेरा डाले हुए है। इनमें से ज्यादातर ग्रामीण इलाके से आए हैं और इनका कहना है कि इन्होंने आज तक फॉगिंग नहीं देखी है। चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ का कहना है कि डेंगू ओर चिकनगुनिया से सर्वाधिक प्रभावित चार जिलों में संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी तैनात किए गए है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इन रोगों की जांच फ्री की जा रही है।