अब इलाज के लिए पैंसो की चिंता न करें दिल्लीवासी: केजरीवाल

नई दिल्ली। जब घर में कोई बीमार होता है तो हमे उसकी चिंता नहीं होती बल्कि चिंता यह हो जाती है कि इलाज के लिए पैसा कहां से आएंगे। अब दिल्ली वालों को इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। दिल्ली सरकार दिल्ली के हर नागरिक के इलाज की जिम्मेदारी लेगी। उक्त बातें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में ‘प्राइवेट अस्पतालों में फ्री सर्जरी स्कीम’ का उद्घाटन करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्वास्थ्य सेवाएं बहुत मंहगी हो गई है। इलाज में कई लाख रुपये लगते हैं। लेकिन दिल्लीवालों को इसकी चिंता करने की जरुरत नहीं है। क्योंकि अब दिल्ली सरकार आपके साथ है, वह आपका इलाज करायेगी। केजरीवाल ने कहा कि मैं पिछले दिनों सात सरकारी अस्पतालों में औचक दौरे पर गया। एक को छोड़कर बाकी सभी अस्पतालों में 50-50 लोगों से बात की तो 90 से 95 प्रतिशत लोग अस्पतालों के इलाज से संतुष्ट दिखायी दिये। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा बदलाव है। सभी दवाएं मिलती हैं, डॉक्टरों का व्यवहार भी अच्छा है।

केजरीवाल ने कहा कि कुछ लोग इस योजना पर सवाल उठा रहे हैं कि इतने पैसे में तो सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट जैसा इलाज हो जाएगा। लेकिन जब तक व्यवस्था नहीं हैं, तब तक तो हमें दिल्ली के हर नागरिक के इलाज की चिंता करनी होगी। क्योंकि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में प्राथमिकता के तौर पर काम कर रही है। कई जगह अस्पतालों का निर्माण चल रहा है। वह दो-तीन साल में बनकर तैयार होंगे। लेकिन जब तक हमे जरुरतमंद लोगों का इलाज करवाना है। इसीलिए कोई मरीज अस्पताल में आए जिसका तुरंत टेस्ट नहीं हो सकता है तो उसे प्राइवेट अस्पतालों में रेफर जाना जरूरी है,यही हमने किया है। हम सरकारी अस्पतालों को जितना पैसा चाहिए उतना दे देंगे। अस्पताल प्रस्ताव लेकर आए ,24 घंटे के भीतर प्रोपोजल पास कर देंगे।

हमारी कोशिश है कि ऐसा समय आए कि सारे टेस्ट और सर्जरी एक माह में ही हो जायें। किसी को भी इंतजार न करना पड़े। केजरीवाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का निर्माण सरकारे नहीं जनता करती है। स्कूलों और सड़कों का निर्माण होना चाहिए। दिल्ली सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा पर निवेश के रूप में खर्च कर रही है। इससे यह लोग दिल्ली को आगे लेकर जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि आज जो डॉक्टर यहां आए हुए हैं, उनको मेरा सलाम। यह बहुत बड़ा काम है, डॉक्टर को कोसना आसान है। अस्पतालों में भीड़ होने के बावाजूद वे काम करते हैं। ख्याति प्राप्त डॉक्टर करोड़ों की नौकरी छोड़कर सरकारी अस्पताल में सेवाभाव से काम कर रहे हैं। हम डॉक्टर और अस्पतालों को किसी भी चीज की कमी नहीं होने देंगे। जिनके पास अच्छे आईडिया हैं वह मेरे पास लेकर आएं, हम उस पर काम करेंगे। हम सब लोग मिलकर दिल्ली के स्वास्थ्य़ व शिक्षा के मॉडल के रुप में स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार रोड़ एक्सीडेंट एवं एसिड अटैक के पीड़तों का भी ईलाज निजी अस्पतालों में करवायेगी। दिल्ली की सीमा में हुए किसी भी एक्सीडेंट एवं एसिड अटैक के मामले में पीडित का इलाज निजी अस्पताल में होगा। इस दौरान कोई परेशानी नही आयेगी। इसके लिए बहुत तेजी से काम हो रहा है। जल्द ही इस योजना की भी शुरूआत कर दी जायेगी। वहीं इस अवसर पर उपस्थित उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह स्कीम जीने की आस छोड चुके लोगों को समर्पित है। इसकी सफलता का जिम्मा डाक्टरों सहित पूरी मैडिकल बिरादरी पर है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश के लोगों को ये कान्फीडेंस होता है कि यदि मरीज दिल्ली के किसी अस्पताल में भर्ती हो गया तो वह अवश्य स्वस्थ्य हो जायेगा। ये भरोसा आप लोगों ने बनाया है और आप ही इससे बरकरार रखेंगे।

दिल्ली स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के निदेशक डॉ कीर्ति भूषण ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में अगर सर्जरी और टेस्ट कराना हो तो अस्पतालों में जाएं। अगर अस्पतालों में टेस्ट या सर्जरी के लिए एक माह से ज्यादा की वैटिंग होगी तो अस्पताल मरीज को तुरंत प्राइवेट अस्पताल के लिए रेफर कर देंगे। यहां अस्पताल द्वारा एक फॉर्म दिया जाएगा। उसके भरकर अस्पताल के नोडल अधिकारी के हस्ताक्षर कराने के बाद मरीज का प्राइवेट अस्पताल में इलाज हो सकेगा। सरकार ने दिल्ली के हर आय वर्ग के लोगों को यह सुविधा दी है। इसमें उनके पास दिल्ली के एक पहचान पत्र सहित अन्य सरकारी दस्तावेज भी होने चाहिए। इसके तहत लोगों को 52 तरह की सर्जरी की सुविधा 48 निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम में मुफत में मिलेगी। इतना ही नहीं, प्राइवेट अस्पताल को भुगतान भी मरीज एवं उसके तीमारदार के संतुष्ट होने पर ही किया जायेगा। साथ ही 8745051111 पर एसएमएस से शिकायत भी की जा सकती है। तो वहीं 22306851 नम्बर पर 24 घंटे शिकायत की जा सकती है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध होंगे जो इलाज एवं अन्य किसी भी सुविधा में कोताही पाये जाने तुरंत कार्रवाई करेंगे।