दिल्ली मेट्रो को लगा बड़ा झटका, रिलायंस को देना होगा 2950 करोड़ मुआवजा

नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन 700 करोड़ रुपये से ज्यादा के घाटे में डूब गई है। जिससे दिल्ली मेट्रो को एक और झटका लगा है। पंच निर्णय अदालत के आदेश के तहत डीएमआरसी को आर इंफ्रा की इकाई डीएएमईपीएल को 2,950 करोड़ रुपये का मुआवजा देना होगा। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर आर इंफ्रा के मुताबिक, पंच निर्णय अदालत ने डीएमआरसी के मामले में उसके पक्ष में फैसला सुनाया है। आदेश में डीएमआरसी को आर इंफ्रा की इकाई डीएएमईपीएल को 2,950 करोड़ रुपये का मुआवजा देने को कहा गया है।

वहीं रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के एक बयान के मुताबिक, आर इंफ्रा की सब्सिडरी डीएएमईपीएल को 2,950 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का निर्देश तीन सदस्य पंच निर्णय अदालत ने दिया है। यह फैसला आम सहमति से लिया गया है। डीएमआरसी द्वारा नामित पंचों की एक सूची के आधार पर पंच निर्णय न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। आर इंफ्रा का कहना है कि 2950 करोड़ रुपये की रकम में से वह 1,900 करोड़ रुपये कर्जदाताओं को देगी।

ये है मुआवजा देने की वजह

इस डीएमआरआरसी द्वारा समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने, और इसके कारण डीएएमईपीएल को अनुबंध के अनुसार काम करने की उसकी क्षमता पर असर पड़ने के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह मुआवजा दिया गया है।

लगातार नुकसान में चल रही मेट्रो, 1000 करोड़ रुपये पहुंच सकता है घाटा

यहां पर बता दें कि यात्रियों की भारी भीड़ और विज्ञापनों की भरमार के बावजूद दिल्ली मेट्रो भारी घाटे की ओर बढ़ रही है। इसकी वजह यह है कि उसकी जितनी कमाई है, उसके मुकाबले खर्चों का बोझ ज्यादा है। साथ ही, उसे ब्याज में मोटी रकम चुकानी पड़ रही है। पिछले आठ साल से मेट्रो ने किराया नहीं बढ़ाया था, जबकि मेट्रो पर लगातार खर्च बढ़ा है। यही नहीं, मेट्रो की चिंता यह है कि इसी वित्तीय साल से उसे दिल्ली मेट्रो के दूसरे फेज के लिए जुटाए गए लोन का ब्याज और मूलधन भी लौटाना शुरू करना होगा। ऐसे में आने वाले चार से पांच साल में यही स्थिति रही तो दिल्ली मेट्रो का घाटा एक हजार करोड़ रुपये तक भी पहुंच सकता है।