दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों की जेब पर पड़ेगा असर, किराए में होगी बढ़ोतरी

नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में सफर अगले सप्ताह से महंगा हो सकता है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने किराए में बढ़ोतरी पर विचार करने के लिए 8 मई को एक बैठक बुलाई है। डीएमआरसी ने अब तक केवल एक बार 2009 में किराया बढ़ाया था। यदि डीएमआरसी को किराया बढ़ाने की मंजूरी मिली तो मेट्रो का न्यूनतम किराया आठ रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया जाएगा। इसकी मार गरीब व निम्न मध्यमवर्गीय लोगों पर पड़ेगी क्योंकि मेट्रो में सफर करने वाले 66.28 फीसद यात्री हर महीने 30 हजार या उससे भी कम कमा पाते हैं।

इस बैठक का मुख्य एजेंडा मेट्रो किराए में बदलाव को लेकर बनाई गई समिति की रिपोर्ट पर विचार करना है। पिछले साल मेट्रो किराए में बढ़ोतरी को लेकर किराया कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कॉरपोरेशन को सौंपी थी। ऐसा माना जा रहा है कि अगर कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ या फिर दिल्ली सरकार के प्रतिनिधियों ने आपत्ति नहीं की तो इस बार किराए बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है।

अगले सोमवार को होने वाली इस बैठक के लिए दिल्ली सरकार, भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय समेत सभी विभागों को सूचना दे दी गई है। आठ मई को होने वाली बैठक से पहले भी दो बार बैठकें बुलाई गई थीं, पर दोनों बार की बैठकें किसी न किसी कारण से रद्द हो गई थी।

पिछले साल किराये को लेकर सौंपी गई रिपोर्ट में न्यूनतम किराया 8 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये करने का सुझाव दिया गया था। साथ ही अधिकतम किराए को 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने की बात कही गई थी। किराया कमेटी ने रेल कॉरपोरेशन को सुझाव दिया था कि खुल्ले पैसों की किल्लत को देखते हुए किराया 10 के गुणांक में रखा जाए।
दिल्ली मेट्रो के किराये में अब तक एक बार साल 2009 में बढ़ोतरी की गई थी। तब न्यूनतम किराया 6 रुपये से बढ़ाकर आठ रुपये और अधिकतम किराया 22 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक डीएमसआरसी और शहरी विकास मंत्रालय किराया बढ़ाने को लेकर विचार कर रहे हैं लेकिन, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल की सरकार किराया बढ़ाए जाने का विरोध कर रही है। पिछले साल नवंबर महीने में भी दिल्ली सरकार ने किराया कमेटी की रिपोर्ट पर स्टडी करने की बात कह कर कुछ और वक्त मांग लिया था।

दरअसल पिछले दिनों दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि मेट्रो में ज्यादातर वही लोग सफर करते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होती। मेट्रो में सफर करने वाले ज्यादातर कम आय वाले नौकरीपेशा वाले लोग होते हैं। 18.87 फीसद यात्री हर महीने 10 हजार रुपये भी नहीं कमा पाते। 20.57 फीसद यात्री 10-20 हजार व 26.84 फीसद यात्री 20-30 हजार रुपये कमाते हैं। 30-50 हजार रुपये कमाने वाले यात्रियों की संख्या 22.49 फीसद है।

हर महीने 50 हजार से अधिक कमाने वाले लोग मेट्रो में ज्यादा सफर नहीं करते। सर्वे में यह बात भी सामने आई मौजूदा समय में लोगों को दिल्ली में हर महीने सफर पर 1000 से 2000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। किराया वृद्धि को लेकर डीएमआरसी का तर्क रहा है कि मेट्रो परिचालन पर लागत बढ़ने से खर्च बढ़ता है और वर्ष 2009 के बाद मेट्रो का किराया नहीं बढ़ाया गया है।