दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की आप की वीवीपैट से जुड़ी याचिका

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी की दिल्ली नगर निगम चुनाव में ईवीएम मशीनों में वीवीपैट अटैच करने का आदेश देने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि आपने इन ईवीएम मशीनों के जरिये ही 2015 का चुनाव जीता, तब सब ठीक था, ये कैसा तर्क है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि हम उन्हें चुनाव स्थगित करने को नहीं कह रहे हैं। हम ये जानना चाहते हैं कि पुरानी मशीनों को यहां क्यों लाया गया ? क्या निर्वाचन आयोग ये बता सकता है कि उसके पास कितनी ईवीएम मशीनें हैं? 2014 के चुनावों के बाद उन्होंने मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया है? वे उसे ही क्यों इस्तेमाल करना चाहते हैं? निर्वाचन आयोग ने कहा कि ये पूरे तरीके से अनुमान पर आधारित है । इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि इसे हैक किया गया है।

बता दें कि पांच राज्यों में संपन्न विधान सभा चुनावों के बाद ईवीएम मशीन को लेकर विपक्षी दलों की ओर से जिस तरह सवाल उठाए गए और पेपर ट्रेल मशीन (वीवीपीएटी) के उपयोग की मांग की गई उसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने हाल में कमीशन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यहां तक की मंत्रिमंडल ने नए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों की खरीद के लिए दो किस्तों में 1,009 करोड़ रूपये और 9,200 करोड़ रूपये को मंजूरी दे चुकी है।

जानिए क्या है VVPAT मशीन:-

-इस मशीन का पूरा नाम है वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी)

-इस मशीन को ईवीएम के साथ जोड़ा जाता है

-वोट देते वक्त प्रत्याशी का नाम भी देखा जा सकता है, जिसको वोट दिया गया है

-वोट देने के लिए बटन दबाते ही प्रिंट स्लिप इस मशीन से निकलता है और सुरक्षित होता जाता है

-दोबारा वोटों की गिनती की जरूरत पड़ने पर इन स्लिप से दोबारा गणना हो जाती है

गौरतलब है कि बसपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत कई दलों ने हाल में संपन्न चुनावों में ईवीएम मशीनों में कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी।