मसूरी में दिखता है स्विट्जरलैंड जैसा नज़ारा

मसूरी। पूरी दुनिया में पहाड़ों की रानी के नाम से प्रख्यात उत्तराखण्ड के मसूरी का नजारा एक अलग ही तरह से लोगों को अपनी ओर खींचता है। बाग-बगीचे, झरने और फूलों की वादियां के अलावा इस शहर को मशहूर बनाती है तो विंटरलाइन। पहा़डों और आकाश के बीच रात को बनती एक लंबी लाल-पीली लाइन को देखने के लिए देश के अलावा विदेशों से पर्यटक यहां आते हैं। इस पीली लाइन की सबसे खास बात यह है कि भारत के अलावा यह नजारा स्विट्जरलैंड में देखने को मिलता है।

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क्या है विंटरलाइन
मालरोड के दूनघाटी में दिखने वाली सीधी लाल-पीली रेखा को ही वैज्ञानिक और आम भाषा में विंटरलाइन कहा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि धरती में उठने वाली धूलकण का जब शाम के समय आकाश से मिलन होता है तब सूर्य की रोशनी चमक उठती है। धरती में उठने वाले धूलकण जितने ज्यादा अधिक होंगे, विंटरलाइन उतनी ही ज्यादा गहरी दिखाई देगी। पूरे साल में यह लाइन अक्टूबर से जनवरी माह के शुरूआती दिनों में दिखाई देती है।

पर्यटकों की संख्या को देखते हुए हर साल मसूरी में एक विंटरलाइन कार्निवाल का आयोजन किया जाता है। यह कार्निवाल 25 से 30 दिसंबर तक चलता है, जिसमें पर्य़टक स्थानीय लोकसंस्कृति से रूबरू होते है।