विभिन्न सरकारी महकमों में समान पदों में भर्ती के लिए होगी एक ही परीक्षा : देहरादून

देहरादून। एक से अधिक महकमों में एक जैसे पदों के लिए अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के झंझट से अभ्यर्थियों को निजात दिलाने की तैयारी चल रही है। ऐसा हुआ तो विभागवार परीक्षाओं के आयोजन में लंबा वक्त,आने-जाने में होने वाले खर्च से राहत मिलेगी और प्रतियोगियों को जल्द भर्ती का मौका भी मिल सकेगा। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने एक से अधिक पदों के लिए एक ही परीक्षा कराने के संबंध में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के साथ ही आम व्यक्ति से भी सुझाव आमंत्रित किए गए है।

दरअसल, वर्ष 2015 से 13 अक्टूबर, 2016 तक आयोग ने सीधी भर्ती के लिए कुल नौ सार्वजनिक सूचनाएं जारी की हैं। इनके माध्यम से करीब 94 प्रकार के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए गए। आयोग का मानना है कि पहले भर्ती परीक्षा के लिए जारी विज्ञापनों के मुताबिक परीक्षाएं कराने में ही तीन से पांच वर्ष का समय लग सकता है। वर्तमान में आयोग ने इन विज्ञापित पदों की लिखित परीक्षाएं समयबद्ध आधार पर कराने का निर्णय लिया है। पुराने तरीके से परीक्षाएं कराने की स्थिति में नई भर्तियों के विज्ञापन एवं परीक्षाएं भी प्रभावित हो रही है। साथ ही इनमें देरी होना स्वाभाविक है।

आयोग समय पर भर्ती परीक्षाओं को संपन्न कराने के लिए समान प्रकृति के पदों के लिए एक परीक्षा की प्रक्रिया अपनाने को आवश्यक मान रहा है। आयोग ने अपनी इस पहल पर आगे बढऩे से पहले राय-मशविरा लेने के पक्ष में है।
आयोग सचिव संतोष बडोनी के मुताबिक आयोग की ई-मेल आइडी या फैक्स के जरिए सभी अभ्यर्थियों, अन्य व्यक्तियों या पक्षकारों से अलग-अलग पदों के लिए भविष्य में एक ही परीक्षा कराने के संबंध में सुझाव या आपत्ति दे सकते हैं।

उन्होंने बताया की इस व्यवस्था के मुताबिक बीती 25 जून, 2017 को विभिन्न महकमों में मानचित्रकार व ड्राफ्ट्समैन पद पर भर्ती के लिए शासन की पूर्वानुमति से एक ही परीक्षा सफलतापूर्ण कराई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न पदों के लिए एक ही परीक्षा कराने के बाद परीक्षा परिणाम तैयार करते वक्त प्रत्येक अभ्यर्थी ने जितने पदों व विभागों के लिए आवेदन किया है, उन सभी के लिए उन्हें परीक्षा परिणाम व चयन सूची में अलग-अलग शामिल किया जाएगा। आयोग विज्ञापनवार परीक्षा परिणाम निकालेगा। समान पदों की एक ही परीक्षा कराने से अभ्यर्थियों को यह लाभ होगा कि उन्हें बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेगी और इसके लिए बार-बार यात्रा व रहने का खर्च भी कम होगा। यही नहीं, एक परीक्षा से उच्च मेरिट वाले अभ्यर्थियों को एक ही चयन का अवसर मिलेगा और सीमा पर रहने वाले अभ्यर्थियों को चयन का अधिक अवसर मिलेगा।