एड्स पीड़ित महिला को सुनाया परिवार सहित गांव छोड़ने का फरमान

मेरठ। सरधना के सलावा गांव में एड्स पीड़ित महिला और उसके दो बच्चों को ससुराल वालों ने गांव छोड़ने का फरमान सुनाया है। महिला और पति समेत दोनों बच्चे एड्स से पीड़ित हैं। वहीं दूसरी तरफ पीड़िता ने ससुराल पक्ष पर संपत्ति कब्जाने का आरोप लगाया है, पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष गांव नहीं छोड़ने पर हत्या की धमकी दे रहा है। मामले में सीओ सरधना को शिकायती पत्र दिया गया है, लेकिन उन्होंने जमीनी विवाद बताकर पल्ला झाड़ लिया।

दरअसल हरियाणा निवासी महिला की शादी करीब पांच साल पूर्व सरधना के सलावा गांव में हुई थी। महिला का पति ट्रक ड्राइवर है और उसे शादी के पहले से ही एड्स था। इसके बावजूद बीमारी की बात छिपाकर शादी की गई। कुछ समय बाद महिला का पति बीमार रहने लगा, तो उसने ट्रक छोड़ दिया और गांव में ही टेंपो चलाने लगा। महिला के अनुसार पति लगातार बीमार रहते थे और इस बारे में घरवालों से पूछा तो टीबी बताई गई। कुछ समय पूर्व उसके हाथ पति के इलाज के कुछ कागजात लगे, जिससे पति को एड्स होने की जानकारी मिली। महिला ने इसके बाद अपना और दोनों बच्चों (बेटे 3 साल और डेढ़ साल) की भी जांच कराई। महिला और उसके दोनों बच्चों को एड्स होने की पुष्टि हुई। महिला ने इस बात को लेकर हंगामा किया और ससुराल पक्ष पर जीवन बर्बाद करने का आरोप लगाया।

महिला का आरोप है कि उसे ससुरालियों ने गांव छोड़कर जाने का फरमान सुना दिया है। गांव नहीं छोड़ने पर हत्या की धमकी दी जा रही है। न तो उसे इलाज के लिए पैसा दिया जा रहा है और न ही पति से मिलने दिया जा रहा है। उसके पति की संपत्ति को ससुराल पक्ष कब्जाना चाहता है। इस बात की शिकायत पीड़िता ने शुक्रवार को सीओ सरधना और सरधना थाने में की.हलाकि पुलिस अधिकारियो की माने तो अगर जाच में तथ्य सही पाए गए तो मदद की जाएगी।

 -शानू भारती