ये दरगाह है हिंदू मुस्लिम की एकता का प्रतीक

फतेहपुर। आज देश में धर्म के नाम पर कोहराम सा मचा हुआ है। वर्ग विशेष को निशाना बनाकर धर्म के नाम पर सियासी रोटियां भी सकीं जा रही है। मगर देश के एक कोने में एक ऐसी सूफी संत की दरगाह है। जहां पर सभी धर्मों के लोगों को देखा जा सकता।

सालों पुरानी यह दरगाह जहां पर लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और पूर्ण होने पर चढ़ावा चढ़ाते हैं। यहां मंगलवार से तीन दिवसीय उर्स के इस कार्यक्रम में भारी मात्रा में लोग चढ़ावा लिये संत के दरबार में दिखे। हजरत मखदूम ख्वाजा जलालुद्दीन नामक सूफ़ी संत का यह स्थान सात सौ वर्ष पुराना हैं।

दरगाह की खास बातें:-

यह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में है यह दरगाह
हथगांव ब्लॉक के पटटी शाह गांव में लगता है दरबार
हर साल मनाया जाता है बाबा का उर्स
दूर-दराज से दर्शन के लिए आते हैं लोग
किसी भी प्रकार के धर्म या जातिवाद की नहीं है परंपरा
हर समुदाय के लोग अपनी अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं
बुरी आत्माओं को चीखते-चिल्लाते देखा जा सकता है
 (मुमताज़ अहमद, संवाददाता)