गौ-सेवा के नाम पर दिखावा, फोटो के चक्कर में प्यासी रह गई गाय

मेरठ। देश में गाय के नाम पर सियासी रोटियां सेंकी जा रही है। आज गाय भारत में एक बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है, लेकिन असल मुद्दा गाय की रक्षा उसकी देखभाल शायद कहीं पीछे ही छूट गया है। हम ये यूंही नहीं कर रहे हैं इसका नजारा हमें देखने को मिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में जहां गाय की सेवा के नाम पर विश्व रिकॉर्ड बनाने की होड़ में उन गायों की ही अनदेखी की गई है।

चारा है पर पानी कहां है ?
चारा है पर पानी कहां है ?

दरअसल शनिवार(22-04-17) को मेरठ के आइआइएमटी कॉलेज मे भव्य गौशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मेरठ के मुस्लिम लोगों सहित भारी संख्या में लोग आए थे ऐसे में तस्वीरों में दिखने के लिए कई लोग सामने आए गाय को चारा भी खिलाया लेकिन कुछ तस्वीरें ऐसी भी सामने आ गई जिनमें बेचारी प्यासी गाय की किसी को कोई परवाह नहीं दिखा।

चारा है पर पानी कहां है ?
चारा है पर पानी कहां है ?

क्योंकि मौसम गर्मी का है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि तपती धूप में जब इंसान नहीं टिक सकता तो बेजुबान जानवर क्या करेगा।
इस कार्यक्रम में शामिल हर खासोआम की नजर सिर्फ कैमरे पर ही टिकी रही लेकिन गाय की प्यास किसी को न दिखी। यहां महज फोटो खिंचवाने और गाय के प्रति दिखावटी प्रेम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक दर्शाने के लिए गौ सेवा का आयोजन किया गया। लेकिन तपती धूप और भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों गौ सेवा कराना। साथ ही गौ सेवा के नाम पर महज 25 से 30 गायों को चारा तो खिलाया गया लेकिन उनको पानी पिलाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

चारा है पर पानी कहां है ?
चारा है पर पानी कहां है ?

कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को बुलाया गया वही फोटो खिंचवाने के लिए नेता समाजसेवी और शहर के जाने-माने उद्योगपतियों ने भी महज दिखावे के लिए गायों की सेवा की। इस कार्यक्रम को वर्ल्ड रिकॉर्ड का दर्जा दिलाने के लिए 10,000 लोगों को गौ सेवा के लिए आमंत्रित किया गया था। हैरानी की बात यह है कि हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ ने केवल 25-30 गायों को ही चारा खिलाया।

चारा है पर पानी कहां है ?
चारा है पर पानी कहां है ?

दरअसल योगी सरकार गायों की सुरक्षा पहले ही सख्त रवैया अपनाए हुए है। जिसका खासा प्रभाव देखने को मिल भी रहा है। लगता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गौ प्रेम को देख के बड़े उद्योगपतियों ने राजनितिक गलियारों में पैठ जमाने के लिए अब गायों को सहारा बंना डाला है।

 (राहुल गुप्ता, संवाददाता)