कांग्रेस नेता ने नीतीश को बताया एक सिद्धांत पर नहीं टिकने वाला

पटना। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनिति तेज हो गयी है,बिहार के महागठबंधन में फूट भी पड़ चुकी जिसके संकेत साफ दिखते नजर आ रहे है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन देने के बाद विपक्ष के नेताओं ने नीतीश पर वार करना शुरु कर दिया है।

सोमवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने नीतीश पर वार करते हुए कहा की बिहार की बेटी की हार पर सबसे पहला निर्णय नीतीश कुमार ने लिया है,आजाद ने बोला की जो लोग सिद्धांत में विश्वास करते है,वो एक फैसला लेते है लेकिन जो लोग कई सिद्धांतों में विश्वास करते है वो लोग अलग-अलग फैसले ही लेते है। नीतीश कुमार ही पहेल व्यक्ति हो जिन्होंने बिहार की दलित बेटी की हार पर पहला फैसला लिया है। बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा था की विपक्ष ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार पद के लिए बिहार की बेटी मीरा कुमार को हारने के लिए ही चुना है।

नीतीश ने विपक्ष को दी नसीहत कहा बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति के लिए बतौर उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं,बीजेपी ने कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करा है। नीतीश कुमार ने विपक्ष के रूख को हारने की रणनीति करार देते हुए 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए बेहतर रणनीति की जरूरत कहा था।
तेजस्वी राहुल गांधी पर भी बरसे, उन्होंने कहा विपक्ष को भी यह समझने की जरूरत है की राजनीति कोई पार्ट टाइम जॉब तो है नहीं है। मुझे पता है की विपक्ष भी भ्रम में है और कुछ लोगों की गलत प्राथमिकताओं और आत्मकेंद्रित रवैये की वजह से कुछ बिखर गया है।