नीट-2 के दोषियों को मिले कड़ी सजा: किशोर उपाध्याय

देहरादून। सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में नीट के दूसरे चरण का पेपर कथित तौर पर लीक होने के मामले की जांच पर विस्तृत रिपोर्ट राज्य पुलिस से मंगाने की एक याचिका नामंजूर कर दिया है। इस पूरे मामले उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी ट्विटर के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि नीट-2 के पेपर लीक मामले की कांग्रेस निष्पक्ष जांच के पक्ष में है। साथ ही जो भी लोग दोषी हैं उन्हें इसमें सजा मिलनी चाहिए।

यह था मामला:-

याचिका नीट द्वितीय में शामिल हुए एक छात्र ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से उत्तराखंड पुलिस की स्थिति रपट में पेपर लीक के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए जाने पर सीबीएसई को परीक्षा दोबारा कराने का निर्देश देने की मांग भी की है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए कि अदालत ‘को मामलों से लादा नहीं जा सकता’ याचिकाकर्ता से कहा कि अगर जांच में लीक साबित होने का कोई तथ्य सामने आता है तो वह उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जा सकते हैं।

अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि 24 जुलाई को भी जब कथित लीक की खबर आई थी, सीबीएसई के पूरे बोर्ड ने राज्य पुलिस द्वारा भेजे गए पेपरों की जांच की थी और उसमें पाया गया था कि उनका नीट के दूसरे चरण के पेपर से कोई लेना-देना नहीं था। इसके अलावा अदालत ने यह भी कहा कि उत्तराखंड पुलिस द्वारा सीबीएसई को भेजी गई सारी सामग्री की पूर्व प्रधान न्यायाधीश आर. एम. लोढ़ा की अध्यक्षता वाली ‘ओवरसाइट कमेटी’ ने जांच की थी और उन्हें भी उसमें कोई धोखाधड़ी नहीं नजर आई।