पटना में कांग्रेस ने मनाई अनुग्रह नारायण सिंह की 130वीं जयन्ती

पटना। अनुग्रह बाबू बिहार ही नहीं बल्कि सारे देश की शान थे। देश की स्वतंत्रता आन्दोलन के संग्राम में महात्मा गांधी के नेतृत्व में डॉ राजेन्द्र प्रसाद, स्व. ब्रजकिशोर प्रसाद, मौलाना मजहरूल हक, डॉ श्रीकृष्ण सिंह जैसे नेताओं के साथ अनुग्रह बाबू ने कंधे-से-कंधे मिलाकर देश की स्वाधीनता की लड़ाई लड़ी और देश को आजादी दिलाने में अपनी पूरी भूमिका निभाई। यह बातें रविवार को प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने बिहार विभूति डॉ अनुग्रह नारायण सिंह की 130वीं जयन्ती के मौके पर कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

बता दें कि शर्मा ने कहा कि अनुग्रह बाबू स्पष्ट वक्ता थे और सादा जीवन उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थे। उनका भी मानना था कि सादा जीवन उच्च विचार ही इंसान की असली पहचान है। दिखावे की जिंदगी किसी काम की नहीं है। उनका दरबाजा गरीबों, पिछड़ों और असहायों के लिये हमेशा खुला रहता था। देश की स्वतंत्रता के बाद बिहार राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ श्रीकृष्ण सिंह के साथ डॉ अनुग्रह नारायण सिंहा बिहार के विकास की नींव रखी और आज बिहार तथा झारखण्ड में जितने भी बड़े कल-कारखाने हैं बरौनी तेल शोधक कारखाना, मोकामा में राजेन्द्र पुल तथा पतरातू थर्मल पावर स्टेशन, बोकारो स्टील कारखाना आदि इन्हीं दोनों महापुरूषों के प्रयास से स्थापित हुआ। अनुग्रह बाबू स्पष्ट वक्ता थे तथा सादा जीवन उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थे। उनका दरबाजा गरीबों, पिछड़ों तथा असहायों के लिये हमेशा खुला रहता था।

मौके पर पूर्व विधायक जगन्नाथ राय, प्रवक्ता एचके वर्मा एवं राजेश राठौड़, महासचिव ब्रजेश प्रसाद मुनन, केशर कुमार सिंह समेत पार्टी अन्य नेता और सदस्य मौजूद थे। इसके साथ ही उनकी जयन्ती को बहुत ही अच्छे ढंग से मनाया गया। सभी ने उनको याद करते हुए श्रद्धाजंली दी। उनकी जयन्ती के मौके पर कई बड़ी हस्तियां भी शामिल हुई।