व्यावसायिक हिंदी सिनेमा महत्वपूर्ण मुद्दों से दूर : इरफान

मुंबई। अभिनेता इरफान खान का कहना है कि व्यवसायिक हिंदी फिल्में महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाती हैं और वह उन पर बहुत कम बात करती हैं। इरफान ने आईएएनएस से कहा, “आज के समय में कहानी कहने का तरीका बदल रहा है। युवा दर्शक हॉलीवुड फिल्में अधिक पसंद कर रहे हैं, क्योंकि हम (बॉलीवुड) बौद्धिक मनोरंजन उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। हॉलीवुड में फिल्में केवल समय बिताने का जरिया नहीं हैं, बल्कि वह इससे अधिक हैं।”

Irfan Khan

उन्होंने कहा, “क्षेत्रीय सिनेमा क्षेत्रीय मुद्दों की बात करता है। यह उन विषयों को शामिल करता है, जो लोगों की चिंता के विषय हैं। वहीं हिंदी व्यावसायिक सिनेमा इन विषयों को बहुत साधारण बना देता है। यह महत्वपूर्ण विषयों पर अधिक बात नहीं करता है, यहां वह अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है।” इरफान की हाल ही में फिल्म ‘मदारी’ रिलीज हुई है। यह फिल्म एक दुखद घटना में अपने बेटे को खोने वाले एक आम आदमी की कठिन परिस्थतियों को प्रस्तुत करती है।

इरफान ‘लाइफ ऑफ पई’ और ‘जुरासिक वर्ल्ड’ जैसी कई अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों में काम कर चुके हैं। वह कहते हैं, “हॉलीवुड में लेखकों का भारत से ज्यादा सम्मान होता है। उन्हें बहुत अधिक मेहनताना मिलता है, और वह सुरक्षित महसूस करते हैं। हम भारतीय फिल्म उद्योग में भी बदलाव देख रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि हम अधिक लेखकों को प्रेरित कर सकेंगे और उन्हें अपना मेहनताना व स्थान प्राप्त हो सकेगा।”