अयोध्या में सीएम योगी ने की त्रेतायुग की याद ताजा, दीपदान कर मनाई भव्य दीपावली

नई दिल्ली। रघुकुल रीति सदा चलि आई प्राण जाये पर वचन ना जाई अयोध्या के राजा दशरथ ने रानी कैकई को दो वरदान देने का वचन दिया था। इसी वचन ने मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम चन्द्र को चौदह साल का वनवास दे डाला था। चौदह सालों तक रामनगरी अयोध्या से दूर वन को विचरण करते हुए अरण्य भारत में अपनी विजय पताका लंका तक फहराकर ।

मानवता के लिए दानवता का विनाश कर राजा राम अयोध्या लौटे तो नगरवासियों ने दीपदान कर आतिशबाजी के साथ अपने ईष्ट का स्वागत किया था। आज फिर रामनगरी की पावन धरा पर त्रेता युग के तर्ज पर दीपावली उत्तर प्रदेश सरकार और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मना रहे हैं।

रामनगरी की सज्जा

रामनगरी अयोध्या को रंग रोगन के साथ चमचमाती झालरों से सजाया गया है। पूरी रामनगरी को अभूतपूर्व दीपों और रोशनी से जगमगा दिया गया है। सीएम आदित्यनाथ ने आज अयोध्या की धरती पर त्रेता युग की तर्ज पर दीपावली का पर्व मनाने का निर्णय लिया। इसके लिए सूबे के पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने एक खाका तैयार किया जिसके तहत अयोध्या के घाटों से लेकर पूरे नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

दीप दान का विश्व रिकॉर्ड

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक नये युग का प्रारम्भ करते हुए । दीपावली के पर्व की शुरूआत रामनगरी से करने का निर्णय लेते हुए 18 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी के दिन की तिथि को इसे मनाने का निर्णल लिया। इस दिन को योगी आदित्यनाथ ने एक विशाल दीपदान और रंगारंग कार्यक्रम मनाने के साथ लेजर लाइट शो और मर्यादा पुरूषोत्तम राम के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका मंच के साथ अन्तर्राष्ट्रीय रामलीला के मंचन का निर्णय लिया गया।

सीएम योगी की अयोध्या में रामलीला

सीएम योगी अपने तय कार्यक्रम के तहत ठीक 3 बजे अयोध्या की धरती पर पहुंचे जहां पर रामकथा पार्क में सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था। सीएम के साथ मंच पर राज्यपाल और अयोध्या के गणमान्य संत महंत मौजूद थे। त्रेता युग की तर्ज पर राम नगरी में हेलीकाप्टर के जरिए राम-सीता और लक्ष्मण के युगल स्वरूपों ने रामनगरी में उतर कर त्रेता की याद ताजा कर दी। सीएम योगी समेत राज्यपाल रामनाइक ने युगलों की आरती की है।

सीएम योगी ने दी योजनाओं की सौगात

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि राम राज्य की जिस परिकल्पना को करते हुए राम और अयोध्या लगातार एक नकारात्मक चर्चा का विषय बना दिया गया था। इस लिए अयोध्या को एक बार फिर हमारी सरकार विश्व के मानस पटल पर लाने का प्रयास किया है। इस प्रयास को आप सभी के सहयोग से ही एक सकारात्मक दिशा मिली है।

हम अय़ोध्या को एक नई दिशा और विकास और सौन्दर्यीकरण के प्रयास हमारी सरकार करेगी। सभी धार्मिक स्थलों को विकसित करने की सरकार की योजना है। इसकी शुरूआत आज अयोध्या में दीपावली के अवसर पर इस कार्यक्रम से की जा रही है। अयोध्या  में इस दिशा में 113 करोड़ की योजना की शुरूआत की जा रही है।

रामराज्य की जो परिकल्पना त्रेता में थी उसको हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाने के लिए प्रयत्नशील हैं। देश के निचले स्तर पर बैठे आदमी के पास सभी योजनाएं पहुंचे यही राम राज्य है। अयोध्या के विकास के लिए हमारी सरकार सभी योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए वचन बद्ध है। हम नदियों का पूजन कर हम इसे प्रदूषण से मुक्त करने का काम कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से हमने मां सरयू की पूजन और आरती की शुरूआत की।