पेट्रोल में हेराफेरी की शिकायत पर सीएम ने दिए जांच के निर्देश

देहरादून। यूपी में एक चिप के जरिए पेट्रोल और डीजल चोरी करने के मामले के बाद कई राज्यों में चैकिंग अभिय़ान चलाया जा रहा है। उत्तराखण्ड में भी प्रशासन की ओर से कई जगहों पर छापेमारी की गई है। सोमवार(15-05-17) को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के जनता दरबार में एक बार फिर से पेट्रोल चोरी का मुद्दा उठा। कई लोगों ने पंपों पर हो रही पेट्रोल चोरी के बारे में शिकायतें की। मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

हर महीने जनता दरबार

मुख्यमंत्री रावत ने अधिकारियों को लोगों की शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की वाजिब शिकायतों के हल में किसी तरह की लापरवाही को बरदाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हर महीने के पहले व तीसरे सोमवार को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक मुख्यमंत्री का जनता दर्शन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज तीन घंटे से भी अधिक समय तक लोगों की शिकायतों व समस्याओं को न केवल सुना बल्कि अधिकांश के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को टाईम बाउंड तरीके से आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

सुबह से ही आम जन अपनी शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कार्यालय पहुंचना शुरू हो गए। सभी लोगों की शिकायतों को बाकायदा रजिस्टर्ड किया गया। फिर एक-एक कर शिकायताकर्ताओं का नाम पुकारा गया। बारी-बारी से लोगों ने मुख्यमंत्री के रूबरू होकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने भी लोगों की बातों को पूरे गौर से सुना और आवश्यक निर्देश दिए।

भूमाफिया से परेशान जनता

जनता दर्शन कार्यक्रम में पेट्रोल में हेराफेरी की शिकायत आने पर मुख्यमंत्री ने पैट्रोल पम्पों में घटतौली की जांच के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। एक शिकायतकर्ता द्वारा प्राईवेट जमीन पर भूमाफिया द्वारा सड़क बना दिए जाने व कुछ अन्य शिकायतकर्ताओं द्वारा भी भू माफिया संबंधी शिकायत किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने शिकायतें सही पाए जाने पर संबंधित भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। एक व्यक्ति द्वारा यह कहे जाने पर कि 50 गज के प्लाॅट में मकान बनाने में भी अड़चनें पैदा की जा रही हैं।

अब तक नहीं मिला मुआवजा

साल 2013 की आपदा में ब्याज माफी की घोषणा के बावजूद कुछ लोगों को लाभ न मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत सही पाए जाने पर राज्य सरकार स्वयं ब्याज वहन करेगी। वन गुज्र्जरों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री रावत ने जल्द ही एक बैठक अलग से बुलाए जाने के निर्देश दिए। पेंशन संबंधी मामलों पर अगले 15 दिन में पेंशन अदालत लगाई जाएगी।