मुख्यमंत्री राजे ने 10वें ”जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल” का किया उद्घाटन

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार को जयपुर के डिग्गी पैलेस में 10वें जयपुर साहित्य सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों को सम्बोधित करते हुए राजे ने कहा कि सम्मेलन के कारण जयपुर एक सुन्दर शहर के रूप में निखर रहा है। यहां आने वाले सभी साहित्यप्रेमी जयपुर की सुन्दरता की प्रशंसा कर रहे हैं जो हमारे लिए सुखद और प्रेरणादायी है। राज्य सरकार जयपुर को एक नए सांस्कृतिक अनुभव के रूप में दुनिया के सामने लाना चाहती है। इसके लिए जयपुर साहित्य सम्मेलन के समानान्तर हमने फोटोग्राफी फेस्टिवल, थिएटर ऑफ वर्ल्ड और जोगी आर्ट के प्रदर्शन के साथ-साथ ऑटो रिक्शा, रेलवे स्टेशनों और जूलोजिकल पार्क आदि जगहों पर युवाओं द्वारा चित्रकारी करवाने जैसे कई अभिनव प्रयास शुरू किए हैं।

 

उन्होंने कहा कि जयपुर के कला उत्सवों के साथ-साथ उदयपुर का वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल और पुष्कर का सेक्रेड म्यूजिक फेस्टिवल जैसे आयोजन राजस्थान को साहित्य-कला जगत की बदलती दुनिया के चेहरे के रूप में पेश कर रहे हैं। हमें भी ऐसे आयोजनों और आने वाले अतिथियों से बहुत कुछ सीखने को मिला है। बीते दस वर्षों के दौरान यह साहित्योत्सव दुनियाभर में प्रसिद्ध हो गया है। कई देशों और शहरों में इसके देखा-देखी कई साहित्य सम्मेलन शुरू हुए हैं और इससे भी राजस्थान की साख बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इस तरह दुनिया में बढ़ती प्रदेश की साख हमें यहां के नागरिकों और पर्यटकों की बेहतरी के लिए काम करने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती है। उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध गीतकार श्री गुलजार और अमेरिका की जानी-मानी साहित्यकार सुश्री एन्न वाल्डमैन ने मुख्य सम्बोधन दिया। इन वक्ताओं ने जयपुर शहर और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की खूबसूरती को सराहा और कहा कि ऎसे आयोजन दबी हुई जुबानों और असहमति के स्वरों को मंच देते हैं। उन्होंने कहा कि यहां आमजन को अंधेरे के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया और माल्टा के भारत में उच्चायुक्त, बेल्जियम के भारत में राजदूत, सांसद रामचरण बोहरा, शहर के मेयर अशोक लाहोटी, मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद की सदस्य मालविका सिंह, जगद्गुरू जग्गी वासुदेव सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कलाकार, गणमान्यजन और साहित्यप्रेमी मौजूद थे।