डोकलाम समेत इन बॉर्डर पर भी रोड बनाना चाहता है चीन

नई दिल्ली। डोकलाम विवाद पर करीब ढाई महीने के तक चीन और भारत के बीच तनाव बना हुआ था। लेकिन अब दोनों देशों ने अपने पांव पिछे कर लिए हैं। चीनी एक्सपर्ट विक्टर गांव का कहना है कि भारत को चीनी रोड निर्माण कामों के लिए तैयार रहना चाहिए। चीन डोकलाम विवाद के बाद सिर्फ डोकलाम में ही नहीं बल्कि तिब्बत और शिंजियांग जैसे बॉर्डर एरिए में भी रोड बनाने को तैयार है। मीडिया रिपोर्ट क् मुताबिक विक्टर का कहना है कि डोकलाम चीन के क्षेत्र में था। जिसे बीजिंग ने 72 दिनों के स्टैंड ऑफ के बाद 28 अगस्त को रद्द कर दिया। विक्टर ने कहा कि भारत को यह बात मान लेनी चाहिए कि रोड और हाईवे प्रोजेक्ट्स पर चीन पिछले कई दशक से बेहतरीन काम कर रहा है।

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बता दें कि उन्होंने कहा कि अगर चीन डोकलाम में अपनी सीमा बनाना चाहता है। जैसा कि चीन पहले ही कह चुका है। किसी भी देश को इसमें दखल देने की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चीन युद्ध नहीं चाहता है। दोनों देशों ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले इस विवाद को सुलझा लिया है। गौरतलब है कि चीन के शियामेन शहर में रविवार से 9वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शुरू हो रहा है। चीन इस सम्मेलन में खुद को 21वीं सदी के वैश्विक परिदृश्य के सबसे मजबूत स्तंभ के रूप में पेश करने की तैयारी में है।

वहीं इस शिखर सम्मेलन में पूरी दुनिया की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात पर होगी। दोनों के बीच सोमवार को बैठक होने की संभावना है। दोनों शीर्ष नेता विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा करेंगे। खासकर दोनों देशों के बीच डोकलाम सीमा विवाद के मद्देनजर यह बहुत जरूरी हो गया है। जिसके लिए दोनों पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति एक दूसरे से मुलाकात करेंगे।