‘टेररिस्तान’ का दोस्त बना दुश्मन, कश्मीर की लड़ाई खुद लड़े पाकिस्तान

आए दिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर सार्वजनिक तौर पर बेज्जत होना तो जैसे पाकिस्तान की आदत ही बनती जा रही है। कभी भारत के हाथों तो अब उसका साथ देने वाले चीन ने भी पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। चीन ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को साफ तौर पर कहा कि कश्मीर विवाद दो देशों (भारत-पाकिस्तान) का आपसी मामला है और पाकिस्तान को इससे खुद निपटना होगा।

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चीन की तरफ से अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिया गया यह बयान पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पाकिस्तान की हमेशा से इच्छा रही है कि कश्मीर मुद्दे को वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर लेकर आए लेकिन पुरजोर कोशिश करने के बाद भी पाकिस्तान को कामयाबी नहीं मिल रही है।

 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में देखने को मिल रहा है। यहां पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने भारत पर झूठे आरोप तो लगा दिए लेकिन भारत की तरफ से भी पाकिस्तान पर पलटवार किया गया। लेकिन देखने वाली बात यह है कि पाकिस्तान ने यहां शुरुआत में कहा था कि भारत की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किया जाता है। लेकिन भारत ने भी पाकिस्तान को करार जवाब दिया है। भारत ने पाकिस्तान का पलटवार करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है और पाकिस्तान आतंकियों का गढ़ है। भारत ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि दुनिया पाकिस्तान को मानवाधिकार का ज्ञान देने की जरुरत नहीं है। भारत ने कहा कि पाक अपने घर में ही मानवाधिकार का उल्लंघन करने में लगा रहता है और पाकिस्तान को इस बात को रट लेना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। यूएन में भारत की प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने पाकिस्तान को टेररिस्तान की उपाधि से नवाजा है।

ईनम गंभीर ने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकियों को पनाह देने और भारत के खिलाफ साजिश रचने में लगा रहता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दुनिया में आतंक को पैदा कर रहा है। ईनम गंभीर ने कहा कि यह अजीब बात है कि पाकिस्तान की धरती पर ओसामा बिन लादेन और मुल्ला उमर को पनाह दी जाती है और वही पाकिस्तान पीड़ित होने का ढोंग कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती पर इतना आतंक है कि अब वह टेररिस्तान बन गया है और टेररिस्तान दुनिया भर में आतंक फैलाने का काम कर रहा है।