सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया मंत्रियों के विभाग का बंटवारा

देहरादून। उत्तराखण्ड के नए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने मंत्रियों के विभाग का बंटवारा कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पास गृह, गोपन, कार्मिक, सतर्कता, विधि एवं न्याय सचिवालय प्रशासन, सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा, लोक शिकायत, राज्य संपत्ति, लोक निर्माण, ग्राम्य विकास, सूचना, ग्रामीण निर्माण विभाग, ग्रामीण सड़कें एवं ड्रेनेज, नागरिक उड्डयन, ऊर्जा, वैकल्पिक ऊर्जा, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आपदा प्रबंधन, राजस्व एवं भू-प्रबंधन, सैनिक कल्याण, अर्द्घ सैनिक कल्याण, तकनीकी शिक्षा, वाह्य सहायतित परियोजना, कारागार, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, पर्वतीय ग्रामों में चकबंदी, औद्योगिक विकास, लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी विभाग को रखा है।

जबकि सतपाल महाराज को सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, वर्षा जल संग्रहण, जलागम प्रबंधन, भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं, पर्यटन-तीर्थाटन एवं धार्मिक मेले, संस्कृति मिला है। वहीं, प्रकाश पंत को संसदीय कार्य, विधायी, भाषा, वित्त, आबकारी, पेयजल एवं स्वच्छता, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग का प्रभार है।

डॉ हरक सिंह रावत के जिम्मे वन एवं वन्य जीव, पर्यावरण एवं अपशिष्ट निवारण, श्रम, सेवायोजन, प्रशिक्षण, आयुष और आयुष शिक्षा विभाग है। तो मदन कौशिक को शहरी विकास, आवास, राजीव गांधी शहरी आवास, जनगणना, पुनर्गठन, निर्वाचन विभाग की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा, यशपाल आर्य को परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, ग्रामीण तालाब विकास, सीमांत क्षेत्र विकास, परिक्षेत्र विकास एवं प्रबंधन, पिछड़ा क्षेत्र विकास मिला है। अरविंद पांडे को विद्यालयी शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, खेल, युवा कल्याण, पंचायती राज का जिम्मा मिला है। दूसरी ओर, सुबोध उनियाल को कृषि, कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग, रेशम विकास।

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर रेखा आर्य को महिला कल्याण एवं बाल विकास, पशुपालन, भेड़ एवं बकरी पालन, चारा एवं चारागाह विकास, मत्स्य विकास मिला है। जबकि डॉ धन सिंह रावत को सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास, प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी दी गई है।