मुख्यमंत्री नीतीश ने फरक्का बराज को तोड़ने की अनशंसा की

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से फरक्का बराज को तोड़ने की अनुशंसा की है। राज्य सरकार ने गंगा के बहाव से जुड़े अध्ययन के आधार पर बनी रिपोर्ट का हवाला देते सोमवार को कहा है कि फरक्का की वजह से गंगा में बड़े स्तर पर गाद जमा हो रहा है इसके कारण गंगा में कम पानी रहने पर भी बाढ़ का खतरा बना रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा के अप स्ट्रीम में जमा हो रहे गाद की मुख्य वजह फरक्का बराज है।

गाद की वजह से गंगा की स्थिति अब खतरनाक होती जा रही है। खुद मुख्यमंत्री ने उस समिति को यह बात कही है जिसे केंद्र सरकार ने गंगा के गाद (शिल्ट) के अध्ययन के लिए पिछले वर्ष गठित किया था।

राज्य सरकार ने गंगा की गाद को लेकर गठित केंद्रीय समिति को यह कहा है कि पिछले वर्ष पटना सहित राज्य के 14 जिलों में आयी भयावह बाढ़ की मूल वजह फरक्का बराज है। अगर फरक्का बराज को ध्वस्त कर दिया जाता है तो गाद का जमा होना बंद हो जाएगा । इस प्रयास से इको सिस्टम को भी दुरुस्त करने में मदद मिलेगी। डेल्टा को भी फिर से ठीक करने में मदद मिलेगी। इस संदर्भ में राज्य सरकार ने कोलकाता पोर्ट के आंकड़े का जिक्र करते हुए कहा है कि पोर्ट की शिल्ट ड्रेजिंग में 6.40 मिलियन क्यूबिक की बढ़ोतरी वार्षिक रूप से हो रही है।

मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि इको सिस्टम पर इस बराज के दुष्प्रभाव का जिक्र करते हुए बिहार सरकार ने कहा है कि जलीय जीव भी इससे प्रभावित हो रहे हैं । हिलसा मछली करीब -करीब समाप्त प्राय हो गई है। भागलपुर की डाल्फिन सेंचुरी को यह प्रभावित कर रहा है। वहीं, गांगेय डॉल्फिन की संख्या में लगातार कमी आ रही है।