सस्ती लोकप्रियता के लिए सस्ती मानसिकता से काम कर रहे हैं मोदीः मायावती

लखनऊ। शुक्रवार को पीएम मोदी द्वारा जारी किए गए भीम एप के बारे में बपसा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा बयान देते हुए पीएम मोदी पर सस्ती लोकप्रियता के लिए सस्ती मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ‘भारत इण्टरफेस फाॅर मनी’ मोबाइल एप को ’भीम’ का उपनाम देकर इसे डाॅ. अम्बेडकर के नाम से जोड़ना मुंह में राम, बगल में छुरी की कहावत को ही चरितार्थ करने की तरह है। ऐसी सस्ती मानसिकता से काम करने की प्रवृति अशोभनीय व निन्दनीय भी है।

मायावती ने कहा कि  ऐसा करके मोदी लोगों के साथ छलावा कर रहे हैं। जैसा कि सन 2014 के लोकसभा आमचुनाव के दौरान ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ के नारे को दुरुपयोग करके किया गया। उन्होंने कहा कि इसी तरह डाॅ. अम्बेडकर के नाम का अनुचित व कुतर्कपूर्ण इस्तेमाल करने का प्रयास राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ के लिए ही किया जा रहा है, लेकिन इससे भाजपा के दामन पर लगा हुआ वर्षों पुराना दलित व ग़रीब-विरोधी होने का काला धब्बा मिटने वाला नहीं है।

मायावती ने कहा कि ‘मान न मान, मैं तेरा मेहमान’ जैसा व्यवहार करके पीएम नरेन्द्र मोदी की सरकार ने जबरदस्ती ‘योजना आयोग’ समाप्त करके अंग्रेजी नाम को संक्षिप्त ‘नीति’ नाम देकर अपनी पीठ खुद ही थपथपाने की कोशिश की है। इसी तरह मोबाइल ऐप के अंग्रेजी नाम का संक्षिप्त हिन्दी नाम को ‘भीम’ की संज्ञा देकर बाबा साहेब डाॅ. अम्बेडकर के नाम से जोड़कर दलितों के वोटों के स्वार्थ में इस प्रकार का राजनीतिक हथकण्डा अपनाने का प्रयास किया है। मायावती ने कहा कि इसके बावजूद देश के दलित वर्ग के लोग अब इस प्रकार के बहकावे में कतई भी आने वाले नहीं हैं।