सीबीएसई के आदेश के बाद भी महंगी पुस्तकों से पढ़ाई

Studentजयपुर।अभिभावकों की शिकायत पर केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली (सीबीएसई) ने भी नियम बना दिया है कि एनसीईआरटी की ही पुस्तकें पढ़ाई जाएं। इन पुस्तकों की सूची भी वेबसाइट पर डाल दी है, लेकिन वास्तविकता यह है कि स्कूलों में अब भी प्राइवेट किताबें बिक रही हैं। प्ले वे का कोर्स भी करीब दो हजार रुपए तक है। सीबीएसई ने पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें ही काम में लेने के आदेश दिए हैं और महंगी पुस्तकों को लगाने से मना किया है, लेकिन राजस्थान में अधिकांश स्कूलों में अब प्राइवेट पुस्तकों से ही पाठ्यक्रम चलाया जा रहा है।

जानकार सूत्रों के अनुसार कक्षा नौ तो छोडि़ए, हाईस्कूल एवं इंटर में भी एनसीईआरटी के साथ में कमीशन के लालच में स्कूल संचालकों ने प्राइवेट पुस्तकें लगाकर अभिभावकों पर चार गुना बोझ डाल रखा है। जहां एनसीईआरटी की किताब का मूल्य 100 रुपए होता है तो प्राइवेट किताब 300 से भी ज्यादा की आती है। स्कूल में शिक्षकों को प्राइवेट पुस्तकों से ही पढ़ाने की सलाह दी जाती है, ऐसे में छात्रों की मजबूरी हो जाती है कि प्राइवेट किताबें ही खरीदी जाएं। आला अधिकारियों का कहना है कि सीबीएसई ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि यदि एनसीईआरटी के अलावा किसी भी स्कूल में निजी प्रकाशकों की किताबें मंगवाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन शिकायतों पर गौर कर रहा है।