अलविदा 2017: छोटे शहरों पर बनी फिल्मों ने पर्दे पर जीता दर्शकों का दिल

नई दिल्ली। साल 2017 बॉलीवुड के लिए बहुत खास रहा । इस साल जहां भारतीय सिनेमा में मील का पत्थर साबित हुई फिल्म बाहुबली तो वहीं छोटे शहरों पर बनी कहानियों ने इस साल चमत्कार ही दिखा दिया। इस साल इन फिल्मों को दर्शकों ने जिस तरह का प्यार दिया उससे ये साबित हो गया कि दर्शकों को सिर्फ मसाला और बड़ों शहरों की कहानी नहीं बल्कि खुद से जुड़ी कहानी भी बेहद पसंद है।

 

जॉली एलएलबी-2- पहले पार्ट के तर्ज पर बनी ये फिल्म लखनऊ से जुड़ी कहानी थी। इस फिल्म में अक्षय कुमार, सौरभ शुक्ला और अनु कपूर जैसे मंझे हुए कलाकार थे। पहले पार्ट में अरशद वारसी जॉली बने थे और इस फिल्म में अक्षय कुमार जॉली के किरदार में नजर आए। ये फिल्म भी सुपरहिट रही और सबसे ज्याद हिट रहा इस फिल्म का डॉयलाग- मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं।

बरेली की बर्फी- आयुषमान खुराना, कृति सेनन और राजकुमार राव की बरेली की बर्फी बिट्टी भी लखनऊ पर बनी फिल्म थी। एक दम प्यारी सी क्यूट सी लव स्टोरी जिसे देखकर मजा आ जाए। फिल्म में सबसे खास था राजकुमार राव की एक्टिंग। छोटे शहरों में जिस तरह की प्यार की कहानी होती है वैसी ही कहानी इस फिल्म में भी थी जिसे दर्शकों ने बहुत पसंद किया।

बद्रीनाथ की दुल्हनिया- बड़े बैनर कि इस फिल्म में वरुण धवन और आलिया भट्ट जैसे कलाकार थे, लेकिन कहानी दहेज और लड़की जैसे मुद्दे की छोटे शहर की कहानी थी। हालांकि फिल्म के काफी हिस्से की शूटिंग दुबई में हुई, लेकिन इसका बेस झांसी था। इस फिल्म को बहुत पसंद किया गया।

बहन होगी तेरी- राजकुमार राव की एक और शानदार फिल्म जिसके टाइटल ने ही सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। छोटे शहरों में सोसायटी नहीं होती बल्कि मोहल्ला होता है और मोहल्ले का प्यार किसी जंग से कम नहीं होता है।बहन होगी तेरी में मोहल्ले की हर लड़की बहन ही क्यों हो इस सवाल पर फिल्म बनाई गई जो सबको पसंद आई।

टॉयलेट एक प्रेम कथा- सामाजिक मुद्दे पर बनी इस फिल्म को बहुत ही पसंद किया गया। इसकी कहानी भी एक छोटे शहर की कहानी थी जहां एक लड़की ने अपना ससुराल इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि उसके ससुराल में शौचालय नहीं था। इस फिल्म में अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर ने काम किया और फिल्म जबरदस्त हिट हुई।

तुम्हारी सुलु- सबसे खास बात ये है कि यह आज के दौर की फिल्‍म लगती है. देखते समय ऐसा लगता है कि किसी बड़े शहर के मध्यम वर्ग या निम्न मध्यम वर्ग के परिवार की कहानी हम देख रहे हैं और ऐसे परिवार में इस तरह की चीजें होती हैं यानी दर्शक इस कहानी से रिलेट कर सकते हैं। मध्यम परिवार की कहानी और उनके बीच के परेशानी और खट्टी-मीठी बातों को दर्शकों को बहुत पसंद आया।