जब डॉक्टर बोले कैश लाने पर ही होगा मरीज का इलाज

पीलीभीत। 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद पूरे भारत में लोगों को नकदी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुराने नोट आम बाजार में बंद हो चुके है हालांकि अस्पतालों में अब भी पुराने नोट चल रहे है, लेकिन उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में नोटबंदी की वजह से अपने बेटे का इलाज नहीं करवा पा रहे एक किसान ने जिलाधिकारी कार्यालय में डीएम से गुहार लगाई है।

डीएम से गुहार लगाते हुए किसान ने कहा कि लखनऊ के केजीएमसी अस्पताल में उसके बेटे के दिल का ऑपरेशन होना है, पैसे भी पूरे है लेकिन वहां के डॉक्टर नगद भुगतान के लिए कह रहे है। किसान ने जब अस्पताल में इलाज के पैसे चैक के जरिए जमा करने की बात कही तो डॉक्टर भड़क गए और नकद भुगतान करने के लिए कहा।

 

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पूरा प्रकरण सुनने के बाद डीएम ने किसान को आश्वासन दिलाते हुए कि इस मामले में चिकित्साधिकारी से बात की जाएगी और अगर डॉक्टर दोषी पाए जाते है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

एक तरफ जहां नरेंद्र मोदी देश को डिजिटल बनाने और ईपेंट के जरिए भुगतान करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ राज्यों के अस्पतालों का यह आलम डिजिटल कैशलैस इंडिया की मुहिम पर सोचने के लिए मजबूर करता है।