टॉपर घोटाला पार्ट टू को लेकर सरकार के खिलाफ भाजपा ने खोला मोर्चा

पटना। इन दिनों बिहार के शिक्षा बोर्ड के दिन खराब है बीते साल रिजल्ट में हुई धांधली का जिन्न इस बार भी निकल ही आया है। इस बार टॉपर के साथ बिहार में हो रही परीक्षा और शिक्षण संस्थाएं भी अब संदेह के दायरे में आ चुकी हैं। अब बिहार की बदनाम हो रही शिक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान लग चुका है। अब विपक्षी दल भी बिहार के शिक्षा बोर्ड में हो रही धांधली और टॉपरों के घोटाले का हवाला दे सरकार को घेरने पर अमादा हो उठे हैं। इसी कवायद में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रूंगटा ने कहा कि बिहार में शिक्षा के साथ परीक्षा प्रणाली की बिगड़ती हालत के लिए गठबंधन में शामिल दल पूर्ण रूप से जिम्मेदार है।

प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रूंगटा ने इल्जाम लगाते हुए कहा कि  2016 में इंटर टॉपर घोटाले में गठबंधन में शामिल राजद का हाथ था। ये बात अब सामने आ चुकी है।  इस संबंध में जदयू की पूर्व विधायक उषा सिन्हा एवं उनके पति बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद अभी भी जेल में हैं। इसके साथ ही इस पूरे मामले के मुख्य सूत्रधार राजद नेता बच्चा राय भी जेल में हैं । जिसके बाद सत्ता रूढ़ पार्टी अपने ऊपर लगे आरोपों को छुपाने की कोशिश में लगी है और अनर्गल प्रलाप कर रही है।

बिहार सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई भी बड़ी कार्रवाई नहीं की है। जिससे हमें और जनता को लगे कि सरकार की मंशा पर कोई संदेह नहीं किया जाना चाहिए। बिहार की मौजूदा सरकार के निकम्मेपन और शिभा प्रणाली के गैरजिम्मेदाराना तरीके के चलते आज मेधावी छात्रों के साथ बिहार का अपमान हो रहा है। जहां बिहार बोर्ड की इंटर परीक्षा में सूबे के 33 प्रतिशत छात्र पास हुए, वहीं सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में बिहार का रिजल्ट राष्ट्रीय औसत से 5 प्रतिशत अधिक यानि 95 प्रतिशत रहा । एक ही समय में दोनों परीक्षाओं के परिणाम राज्य की शिक्षा व्यवस्था एवं विषेष रूप से उत्तर -पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में धांधली को ही दिखाता है ।