जो प्रभु श्री राम का नहीं वो किसी काम का नहीं : कटियार

लखनऊ। विधानसभा चुनावों की गूंज उठते ही प्रदेश में राम मंदिर पर सियासत गरमा गई है। राम निसन्देह हिंदुओं के आस्था के केंद्र हैं और चुनावों में राजनीतिक दल भावनात्मक मुद्दों को उछालने का कोई मौका नहीं गंवाते। अब जब यूपी की चुनावी जंग जीतने के लिए हर दल प्रयास कर रहा है। भाजपा ने एक बार फिर इस मुद्दे को हवा दी है।

भाजपा के फायरब्रांड नेता सांसद विनय कटियार ने कहा है कि जो जो प्रभु श्री राम का नहीं वो किसी काम का नहीं है। जो लोग अयोध्या में राम मंदिर नहीं चाहते, वह अराजक हैं और और ऐसे लोग देश को बुरी तरह तबाह और बर्बाद कर रहे हैं।

यूपी की जनता से वोट की झोली भरने का अनुरोध करते हुए कटियार ने दलील दी कि संसद में कानून के जरिये मंदिर बनाने कि लिए ये जरूरी है कि बीजेपी का राज्यसभा में बहुमत हो| इसके लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव जितना जरूरी है।

राम मंदिर बनाने के तीन तरीके

कटियार के मुताबिक राम मंदिर तीन तरीके से बन सकता है..

पहलाः अदालत के माध्यम से बन सकता है।

दूसराः बातचीत से इस काम को अंजाम दिया जा सकता है।

तीसराः रास्ता संसद का है।

कटियार ने दावा किया कि संसद में कानून बनाकर नरेंद्र मोदी राज में ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा।  इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बयान दिया है कि राम मंदिर कब-कैसे बनेगा यह तो समय बताएगा लेकिन अगर राम मंदिर भारत में नहीं बनेगा, अयोध्या में नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा। गौरतलब है कि साल 1980 में बीजेपी पार्टी का गठन हुआ और तब से ही उसके मुख्य एजेंडे में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल है।