बीएसएससी सचिव परमेश्वर राम सहित पांच अन्य हिरासत में

पटना। बिहार कर्मचारी चयन आयोग की इंटर स्तरीय परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले में आयोग के सचिव परमेश्वर राम और पांच अन्य कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। सचिव के घर छापेमारी में साक्ष्य मिलने से बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। अगमकुआं थाने के भागवत नगर स्थित सचिव के आवास पर करीब पांच घंटे की छापेमारी में एसआईटी के हाथ कई महत्वपूर्ण कागजात लगे हैं। एसआईटी के साथ-साथ ईओयू की टीम भी सचिव के कार्यालय और आवास पर छापेमारी की । सूत्रों की माने तो जांच टीम को सचिव के आवास से दो फ्लैट और कई जगह पर जमीन के कागजात मिले हैं। ऐसी संभावना है कि सचिव के पास अकूत संपत्ति हैं।

अब ऐसी चर्चा है कि इंटर टॉपर घोटाले की तरह बीएसएससी में बड़ा परीक्षा घोटाला हुआ हैं। इसमें कई लोग जांच के लपेटे में आ सकते हैं। इस संबंध में बड़ा खुलासा हो सकता है। उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि पिछले दो-तीन दिनों से बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में गड़बड़ी अखबारों में हेडलाइन बन रही है। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, बख्शा नहीं जाएगा। पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी मुख्य सचिव और डीजीपी को सौंपी गई है।

अगमकुआं थाने के भागवत नगर स्थित सचिव के आवास पर मंगलवार देर शाम सात बजे से करीब पांच घंटे की छापेमारी में एसआईटी के हाथ कई महत्वपूर्ण कागजात हाथ लगे हैं। एसआईटी के साथ-साथ ईओयू की टीम भी सचिव के कार्यालय और आवास पर छापेमारी की। परमेश्वर राम के घर से कॉल लेटर और अटैंडेंस शीट भी बरामद किए गए हैं। जांच टीम को सचिव के आवास से दो फ्लैट और कई जगह पर जमीन के कागजात मिले हैं। ऐसी संभावना है कि सचिव के पास अकूत संपत्ति हैं। अब ऐसी चर्चा है कि इंटर टॉपर घोटाले की तरह बीएसएससी में बड़ा परीक्षा घोटाला हुआ हैं। इसमें कई लोग जांच के लपेटे में आ सकते हैं।

एसआइटी ने सचिव परमेश्वर राम से प्रिंटिंग से लेकर स्ट्रांग रूम और सेंटर से जुड़ी एक-एक जानकारी ली । एसआइटी के एक अधिकारी की मानें तो पूरे विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में है। सचिव के भागवत नगर स्थित आवास से महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं। चार कमरों की बारीकी से की गई जांच में एक कमरे में बिस्तर के नीचे कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मिले। कुछ परीक्षा केंद्रों की उपस्थिति पंजी भी बरामद हुई। दूसरे शहरों में संपत्ति के कागजात भी बरामद किए गए हैं। इओयू (आर्थिक अपराध इकाई) के पदाधिकारी भी सचिव से पूछताछ कर रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति बरामद हुई तो इओयू प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करेगी।

विदित हो कि गत 29 जनवरी को बीएसएससी की पहले चरण की परीक्षा में ही पेपर लीक और धांधली के आरोप लगे थे। पांच फरवरी को द्वितीय चरण की परीक्षा के पूर्व भी पेपर लीक हो गए और बड़े पैमाने पर धांधली की बात सामने आई। छह फरवरी को इसे लेकर अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। आयोग के अफसरों को घेरकर पीटा तो मुख्यमंत्री ने खुद संज्ञान लिया और पूरे मामले की जांच के लिए सोमवार को एसआइटी का गठन किया।

आईजी नैय्यर हसनैन खान से जब इस बाबत बुधवार को पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एसआइटी ने जांच शुरू कर दी है। पेपर में धांधली के आरोप से जुड़े एक-एक बिन्दु की जांच की जा रही है। कुछ अहम सबूत मिले हैं। जांच के दौरान जो भी दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई तय है।