जन्मदिन विशेषः मधुबाला के प्यार में गिरफ्त दिलीप ने क्यों कर ली थी शायरा से शादी

मुंबई। बॉलीवुड के ट्रेजेडी किंग और दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार आज अपना 95वां जन्मदिन मना रहें हैं। हिंदी सिनेमा में अपने अतुलनीय योगदान के लिए दिलीप कुमार को हमेशा याद किया जाएगा। पर्दे पर किरदार को जिंदा कर देने वाले दिलीप कुमार की निजी जिंदगी खुद में एक पर्दे की कहानी लगती है।

दिलीप कुमार का जन्म पेशावर में हुआ था। उनके पिता देश के बंटवारे के बाद मुंबई आ गए थे।आज़ादी के बाद के पहले दो दशकों में ही ‘मेला’, ‘शहीद’, ‘अंदाज़’, ‘आन’, ‘देवदास’, ‘नया दौर’, ‘मधुमती’, ‘यहूदी’, ‘पैगाम’, ‘मुगल-ए-आजम’, ‘गंगा-जमना’, ‘लीडर’ और ‘राम और श्याम’ जैसी फ़िल्मों के नायक दिलीप कुमार ने बॉलीवुड में एक ऐसा मुकाम हासिल किया जिसे पार कर पाना बहुत मुश्किल है।

 

दिलीप कुमार की शादी शायरा बानो से हुई थी जिसकी कहानी भी अपनेआप में फिल्मी है। उस समय शायरा बानों का दिल शादी-शूदा राजेंद्र कुमार पर फिदा था। शायरा की मां ने दिलीप कुमार से अपनी बेटी को समझाने के लिए कहा। जब दिलीप ने शायरा को समझाना चाहा तो शायरा ने दिलीप को शादी के लिए पूछ लिया। ऊपर वाले ने इनकी ही जोड़ी बनाई थी और इसी वजह से 11 अक्टूबर को 1966 में दोनो ने शादी कर ली।

हिंदी सिनेमा गवाह है कि जब भी दिलीप कुमार का जिक्र होता है तो मधुबाला का नाम शामिल होना तय है। शायरा बानो जैसी खूबसूरत आदाकारा दिलीप कुमार की पत्नी हैं, लेकिन मधुबाला का अध्याय दिलीप कुमार की जिंदगी की किताब में बहुत अहमन था। 1951 में दिलीप कुमार ने मधुबाला के सात तराना फिल्म में काम किया और उन्हें पता चला कि मधुबाला उनसे मन ही मन में प्यार करने लगीं हैं। मधुबाला के हाथों मिला प्यार का गुलाब दिलीप ने फौरन कबूल कर लिया और इस फिल्म के साथ ही दोनों का प्यार परवान चढ़ा।

मुगले-ए-आजम की शूटिंग के वक्त दिलीप-मधुबाला की मोहब्बत लोगों के सामने आने लगी थीं। दिलीप इस कदर मधुबाला के प्यार में दीवाने हो चुके थे कि जब सिर्फ उनकी शूटिंग चल रही होती थी तो भी वो सेट पर पहुंच जाते थे। मधुबाला के पिता को दिलीप और मधुबाला के प्यार से सख्त इंकार था। इनका प्यार कभी सफल नहीं हो पाया और मधुबाला ने इस दुनिया को बहुत जल्द ही अलविदा भी कह दिया।