बिहार टॉपर्स घोटाले के आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

पटना। बिहार के चर्चित टॉपर्स घोटाले के एक आरोपी दिवाकर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। पुलिस का कहना है कि दिवाकर की मौत आत्महत्या है, लेकिन परिजनों का कहना है कि यह एक हत्या है। दिवाकर की मौत के बाद उनके बेटे ने 6 पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ पटना के बहादुरपुर थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कराया है।

पुलिस के अनुसार, स्मृति पेपर मिल के मालिक 58 वर्षीय दिवाकर प्रसाद सिंह के बेटे विक्रम सिंह का आरोप है कि बुधवार रात करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी उनके पंचवटी कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचे। पांच पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और दिवाकर प्रसाद के बारे में पूछा। इसके बाद देवकांत वर्मा नाम के एक पुलिसकर्मी व तीन अन्य पुलिसकर्मी सीढ़ी चढ़कर ऊपर चले गए। थोड़ी देर बाद ऊपर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं।

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विक्रम का कहना है कि उसने देखा कि पिता के साथ पुलिस वाले हाथापाई कर रहे थे। विक्रम ने बताया कि इस दौरान दो पुलिसकर्मी उन्हें खींचकर नीचे ले गए। थोड़ी देर बाद पिता की आवाजें आनी बंद हो गई। इस बीच पुलिसवाले सीढ़ी से उतरकर चले गए और पिता के बारे में कोई जवाब नहीं दिया। पुलिस के जाने के बाद वे घर के पीछे नीचे गिरे मिले। आनन-फानन में उन्हें पटना के एक अस्पताल ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वहीं, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज का कहना है कि दिवाकर प्रसाद सिंह के बेटे के बयान के आधार पर गुरुवार को बहादुरपुर थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पूरी छानबीन करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

गौरतलब है कि इस साल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा में टॉपर्स बनाने में अनियमितता बरते जाने की शिकायत के बाद जांच कर रही विशेष अनुसंधान टीम ने दीदारगंज स्थित स्मृति पेपर मिल में छापेमारी की थी। मिल से पुलिस ने करीब साढ़े तीन हजार कॉपियां (उत्तर पुस्तिका) बरामद की थी।