वामपंथी उग्रवाद का कर रही है सामना कर रही है सरकारः नीतीश कुमार

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि हमारे देश की बुनियाद साम्प्रदायिक सद्भाव, सामाजिक समरसता तथा समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद का सामना करने के लिए बिहार सरकार ने बहुमुखी रणनीति बनाई है। राज्य सरकार की इस पहल को काफी सफलता मिली है।

यहां विज्ञान भवन में केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित वामपंथी उग्रवाद के संबंध में समीक्षात्मक बैठक को सम्बोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि हिंसा स्पष्ट रूप से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ़ है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन आर्थिक-सामाजिक विकास तथा सुदृढ़ आंतरिक सुरक्षा के लिए देश में व्याप्त अनेकता और विविधता की जीवन्त संस्कृति को लगातार संजोने की आवश्यकता है।

नीतीश ने कहा है कि केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग, सकारात्मक एवं भरोसेमन्द कार्यशैली समय की मांग है। तभी हम आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बन रहे वामपंथी हिंसा की समस्याओं का सामना करने में सक्षम हो पाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नक्सलियों का उन्मूलन नक्सलवाद का समाधान नहीं है। इसके लिए हमें विकास में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना ही होगा। वामपंथी उग्रवाद में शामिल लोग हमारे समाज एवं देश के ही अंश हैं। उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद का सामना करने के लिए बिहार सरकार ने बहुमुखी रणनीति बनाई है। राज्य सरकार की पहल को काफी सफलता मिली है।

नीतीश ने कहा कि बिहार लम्बे समय से वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहा है, जिसके कारण पूर्व में बड़ी घटनाएं भी घटित हुई हैं। राज्य सरकार इसके प्रति प्रारम्भ से ही सजग रही है तथा द्विपक्षीय रणनीति के द्वारा इसका प्रभावकारी ढंग से सामना किया है। विशेष कार्य दल का गठन कर केंद्रीय सशस्त्र बलों के सहयोग से क्षेत्र प्रभुत्व के साथ सूचना पर आधारित अभियान चलाकर उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगाई गई है।

दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों के लिए विकासोन्मुखी एवं कल्याणकारी पहल भी की गई है। परिणाम स्वरूप वर्तमान समय में उग्रवादी गतिविधि काफी हद तक नियंत्रण में हैं। यह गृह मंत्रालय के आंकड़ों से भी स्पष्ट है। यदि पिछले 5 वर्षों की तुलना की जाए तो वर्ष 2011 की तुलना में वर्ष 2016 में हिंसा की घटनाओं में 60 प्रतिशत की कमी (316 से 129) तथा इन घटनाओं के कारण हुई मृत्यु की संख्या में 55 प्रतिशत की कमी (63 से 28) आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उग्रवादी हिंसा के परिदृश्यों में सुधार का श्रेय निश्चित रूप से इन क्षेत्रों में विकास योजनाओं का प्रभावकारी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण तथा सुरक्षा बलों की क्षमता में वृद्धि, बढ़ोत्तरी, अभियान संबंधी रणनीति को तो दिया ही जाएगा, साथ ही राज्य सरकार द्वारा एकीकृत रणनीति के तहत किए गए प्रयोगों एवं सुधारों को भी जाएगा।