भोलेनाथ का प्रिय महीना सावन 10 से, सजने लगे शिवालय

लखनऊ। भगवान शिव की भक्ति का महीना सावन 10 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस पूरे महीने भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के धार्मिक अनुष्ठान जैसे महारुद्राभिषेक, भस्म आरती, रुद्री पाठ, शिव महापुराण कथा, शिवार्चन के आयोजन होंगे। बहुत से भक्त गंगा जल, दूध से अभिषेक करेंगे।

पुराणों के अनुसार सावन में भगवान शिव की आराधना करने वाले को भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। बेल पत्र और जलाभिषेक मात्र से ही शिव की अनुकंपा प्राप्त की जा सकती है।

ज्योतिषाचार्य पं. विमल त्रिपाठी के अनुसार इस बार पांच सोमवार 10, 17, 24, 31 जुलाई एवं 7 अगस्त को हैं। सात अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा, रक्षाबन्धन पर्व है। इस दिन चन्द्र ग्रहण भी है। राजधानी के डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मन्दिर समेत सभी शिवालयों में सावन की तैयारियां शुरु हो चुकी हैं। मन्दिर की रंगाई-पुताई का काम तेजी से चला रहा है। मन्दिर की महंत देव्या गिरी ने बताया कि पूरे सावन भर तथा सावन के सभी सोमवार को यहां लाखों भक्त दर्शन करने और जलाभिषेक, रुद्राभिषेक करने आते हैं।
महंत ने बताया कि जो भक्त 40 दिन तक मन्दिर आकर भोलेनाथ की पूजा अर्चना करता है उसकी कामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। मन्नतें पूरी होने पर भक्त मन्दिर में घंटा टांगते हैं।

उन्होंने बताया कि सावन के सभी सोमवार को भोलेनाथ विशेष प्रकार श्रृंगार होगा। सावन के पहले सोमवार को मन्दिर में सुबह तीन बजे श्रृंगार और रुद्राभिषेक के पश्चात मन्दिर के पट दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
इसी तरह राजधानी का एक मात्र द्वादश ज्योतिर्लिंग धाम में सावन की तैयारियां शुरु हो चुकी हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि लोग 12 ज्योतिर्लिंग का एक साथ एक स्थान पर पूजन करा सकते है। पूरे सावन प्रतिदिन बारह ज्योर्तिलिंग का एक साथ अभिषेक किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त मोहान रोड स्थित बुद्धेश्वर महादेव मन्दिर में पूरे सावन भर यहां मेला लगेगा। चौक स्थित कोनेश्वर महादेव मन्दिर में सावन की तैयारियां शुरु हो गई हैं। आगामीढ़ ढ्योढ़ी सुभाष मार्ग स्थित महामंगलेश्वर महादेव मन्दिर सावन के प्रत्येक सोमवार को गेंदा, गुलाब, चांदनी आदि फलों से मन्दिर को सजाया जाएगा। नादान महल रोड पर स्थित सिद्धनाथ मन्दिर सजावट व भोलेनाथ का श्रृंगार देखने वाला होता है।

प्राचीनकाल से चला आ रहा यहां का रुद्राभिषेक प्रसिद्ध है। प्रत्येक सोमवार को करीब 50 लीटर दूध से भोलेनाथ का अभिषेक होता है। चौक स्थित कल्याण गिरी मंदिर में भी सवान की तैयारी जोर-शोर से चल रही हैं। यहां मंदिर की साफ-सफाई और सजावाट का काम पूरा हो चुका है।
राजेन्द्रन नगर द्वितीय मार्ग पर स्थित महाकाल शिव मन्दिर में सावन में खासतौर पर सोमवार को रुद्राभिषेक कराने की बुकिंग लगभग पूरी हो चुकी है। यहां उज्जैन की तर्ज पर होने वाली महाकाल की भस्म आरती के लिए चारों सोमवार बुक हो चुके हैं। रुद्राभिषेक की बुकिंग कराने बाद पूजन सामग्री व अन्य व्यवस्था मन्दिर समिति की ओर से की जाती है।
श्री महाशिव मन्दिर समिति के गिरीश चन्द्र सक्सेना ने बताया कि सावन में सोमवार के अलावा बाकी दिनों के रूद्राभिषेक, महाआरती, श्रृंगार भक्त करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सावन के सभी सोमवार को महाकाल की भस्म आरती सुबह चार बजे होगी। उसके बाद उज्जैन के हरिहर जल से भोलेनाथ का अभिषेक होगा। चौपटिया स्थित प्राचीन बड़ा शिवाला के भक्त सुनील गुप्ता ने बताया की पूरे सावन भर भोलेनाथ का फूलों से श्रृंगार होगा। आचार्यों द्वारा रुद्राभिषेक का आयोजन किया जायेगा।

बेलपत्र और धतूर से होंगे शिव प्रसन्न
सावन माह भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष महीना है। सावन में भोलेनाथ की पूजा करने से पुण्य फलों में वृद्धि होती है। इस माह दूध, दही, घी, शक्कर, गंगाजल, बेल पत्र, भांग, धतूर, दूब, श्रीफल आदि से शिवजी की पूजा करनी चाहिए। रुद्राभिषेक, शिव पुराण, शिव स्तोत्र पाठ करना लाभकारी है।

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम
एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक, प्रमुख शिव मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिरों में मेटल डिटेक्टर के साथ-साथ पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है। ताकि कोई भी अराजक तत्व मंदिर में प्रवेश न कर सके। मंदिरों के बाहर भी पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। पहले सोमवार को मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ के चलते सुरक्षा व्यवस्था के खास इंतजाम किए गए हैं। सभी नामचीन मंदिरों में बैरीकेडिंग लगाई गई है।