हनुमान मंदिर को लेकर भागलपुर में भिड़े दो पक्ष

भागलपुर। भागलपुर में मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र अम्बई तालाब के समीप बजरंगबली की मूर्ति हटाने गए जगदीशपुर अंचलाधिकारी निरंजन ठाकुर के दल को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच संघर्ष शुरू हो गया। मामले को बिगड़ता देख पुलिस ने हवाई फायरिंग के साथ लाठीचार्ज कर दिया।

प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज की कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने एसडीओ, डीएसपी और सीओ की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में एसडीओ अनुज कुमार सहित कई पुलिसकर्मी, तीन पत्रकार तथा विरोध कर रहे कई लोग घायल हो गए। बाद में मामले को बढ़ता देख जिलाधिकारी के निर्देश पर मूर्ति को पुनः उसी स्थान पर लगाया गया तब विरोध कर रहे लोगों का गुस्सा थोड़ा कम हुआ। स्थानिय लोगों का कहना है कि हमलोग कई वर्षों से यहां पूजा करते आ रहे हैं लेकिन प्रशासन जबरन यहां से मूर्ति हटाना चाहता है।

दूसरी ओर, हबीबपुर थाना क्षेत्र स्थित स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समुदाय के लोगों ने पूर्व से स्थापित हनुमान जी की खंडित प्रतिमा को हटाकर नई प्रतिमा को स्थापित करने के लिए पूजा रखी थी। नई प्रतिमा स्थापित हो गई थी। पोखर के मालिकाना हक को लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। दूसरे समुदाय के लोगों ने प्रतिमा स्थापित करने की शिकायत हबीबपुर थाने को दी। एसडीओ कुमार अनुज के नेतृत्व में पोखर पहुंचा, उनके साथ कई थानों की पुलिस थी। पुलिस और प्रशासन ने सरकारी जमीन पर मंदिर है, कहकर स्थापित मूर्ति को उखाड़ लिया और गाड़ी में रख लिया।

इस पर एक समुदाय के लोग काफी उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने जबरन हमला कर मूर्ति को दोबारा से अपने कब्जे में ले लिया और पुनः मूर्ति स्थापित कर दी। इस दौरान उग्र भीड़ ने नजदीक के एक नए मस्जिद पर पथराव शुरू किया। आक्रोशित भीड़ को खदेड़ने के लिये पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। भीड़ और उग्र हो गयी। लोगों ने पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी हवाई फायरिंग की। पुलिस और पब्लिक के बीच 60 राउंड से ज्यादा गोलियां चली। हालांकि इसमें कोई हताहत नही हुआ है। मगर पथराव और लाठीचार्ज में दर्जनों पुलिस अफसरों को चोटें आईं। आक्रोशित लोगों ने मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया।