लंबी पारी न खेल पाने से नाखुश हैं लोकेश राहुल

धर्मशाला। भारत के सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल ने रविवार को कहा कि वह आस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रहे चौथे टेस्ट मैच में अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ा स्कोर न कर पाने से निराश हैं। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) स्टेडियम में चल रहे चौथे और अंतिम निर्णायक टेस्ट के दूसरे दिन रविवार को राहुल ने 60 रनों की पारी खेली। उन्होंने पिच पर काफी सधे हुए तरीके से अपना खेल खेला जिसकी बदौलत वो 60 रनों का स्कोर बनाने में सफल रहे।

राहुल 108 के कुल योग पर पैट कमिंस की ऊंची उठती गेंद हुक करने के प्रयास में विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए। आस्ट्रेलिया के पहली पारी के 300 रनों के जवाब में भारतीय टीम दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट पर 248 रन बना चुकी है, हालांकि अभी भी वे 52 रन पीछे हैं। राहुल ने कहा, “सलामी बल्लेबाज के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है कि मैं जितना देर हो सके क्रीज पर रहूं और पहली पारी में टीम के लिए अधिक से अधिक रन बटोरूं, ताकि हमें दूसरी पारी न खेलनी पड़े।”

‘दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद राहुल ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे किसी चीज का पछतावा नहीं है. हां, मैं थोड़ा निराश जरूर हूं कि अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सका।”

उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह श्रृंखला खराब नहीं है. मैंने इसमें अच्छी शुरुआत हासिल की और बेहतर बल्लेबाजी की. आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने हालांकि इसे कठिन बनाने में कोई कोर कसर नहीं रखा। उन्होंने हमें हर मैच में कठिन चुनौती दी है। मेरे खयाल से दूसरी पारी में एक और अच्छी पारी खेलने का समय है।” रविवार को भारतीय टीम दूसरे सत्र की समाप्ति तक दो विकेट पर 153 रन बनाकर मजबूत नजर आ रही थी, लेकिन तीसरे सत्र में आस्ट्रेलिया के स्पिन गेंदबाज नाथन लॉयन ने चार विकेट चटकाते हुए भारत के लिए मैच को संघर्षपूर्ण बना दिया है।