लालू के क्लोज पूर्व विधान पार्षद अनवर के घर सीबीआई का छापा

पटना। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राजद  लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे पूर्व विधान पार्षद अनवर अहमद के फुलवारीशरीफ ठिकानों पर छापेमारी की। नोटबंदी के बाद कालेधन को लेकर पूर्व एमएलसी और अवामी को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष अनवर केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर हैं।

 

सीबीआई ने शनिवार को अनवर अहमद की अध्यक्षता वाले अवामी को-ऑपरेटिव बैंक, सब्जीबाग स्थित उनके आवास और फुलवारीशरीफ स्थित अल राबिया एडुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करोड़ों की मनीलांड्रिंग से संबंधित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। छापेमारी से पहले सीबीआई ने अनवर अहमद और उनके तीन रिश्तेदारों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।

हालांकि अनवर अहमद के ठिकानों से सीबीआई को अबतक क्या मिला है, इस संबंध में फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। लेकिन विगत 13 जनवरी को जब आयकर विभाग ने अनवर अहमद की अध्यक्षता वाली अवामी को-ऑपरेटिव बैंक समेत उनके व्यवसायिक व आवासीय ठिकानों पर छापेमारी की थी तब मौके से 60 फर्जी बैंक खाते बरामद किए गए थे । सीबीआइ सूत्रों के अनुसार अवामी बैंक के बेनामी बैंक खातों से अनवर अहमद के अल राबिया एडुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के कालेधन को सफेद करने का खेल खेला गया है। इस ट्रस्ट के माध्यम से अनवर अहमद मदर्स इंटनेशनल टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट इस्टीटयूट और मदर्स इंटनेशनल एकैडमी का संचालन करते हैं।

हो सकते हैं कई खुलासे

सूत्रों की मानें तो सीबीआई काले धन के खिलाफ इस तरह के कई कड़े कदम उठा सकती है, गौर करने वाली बात है कि नोट बंदी के बाद से फर्जी खाते खोलकर जमा किए रुपयों की जानकारी जांच एजेंसियां जुटा रही हैं और अब सख्ती से काले धन के खिलाफ जंग शुरू हो गई है।