”पीछे चलने वालों को हाथ पकड़कर आगे लाएं” : कोविंद

बीकानेर। बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा कि पीछे चलने वालों को हाथ पकड़कर आगे लाएं तथा आगे चलने वालों के साथ मिलकर आगे बढ़ें, इससे देश की सामाजिक समरसता को और अधिक बढ़ावा मिलेगा तथा भारत, दुनिया का सिरमौर बन जाएगा। कोविंद शनिवार को राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज मैदान में भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट के सामूहिक विवाह एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम आगे बढ़ें, लेकिन पीछे वाले को भी साथ लेकर आएं। आगे बढ हमारा लक्ष्य होना चाहिए, लेकिन कोई पीछे नहीं छूटे, इसका ध्यान रखना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति हमारे कईं दायित्व हैं। हमारी जन्मभूमि और इसकी मिट्टी के हम पर कर्ज हैं। आज हमने जो मुकाम हासिल किया है, इसमें हमारे राष्ट्र, समाज, परिवार और माता-पिता की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इनका कर्ज चुकाना हमारा पहला दायित्व है। कोविंद ने कहा कि सामाजिक समरसता किसी भी समाज की महत्त्वपूर्ण इकाई है। छोटी-छोटी बातों को आचरण में उतारने से घर-परिवार, स्वर्ग बन जाता है। उन्होंने बहू और बेटी में भेद नहीं करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान ऎसा ग्रन्थ है, जिससे देश के साथ-साथ समाज एवं परिवार चलता है। संविधान ने हमें कई अधिकार दिए हैं। शिक्षा का अधिकार इनमें से एक है। उन्होंने कहा कि यह हमारा दायित्व है कि हम अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाएं।

बिहार के राज्यपाल ने भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा किए जाने वाले सामाजिक सरोकारों के कार्यों को अनुकरणीय बताया तथा कहा कि सामूहिक विवाह समारोह में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष भूमिका निभाने वाले सभी लोग धन्यवाद के पात्र हैं, क्योंकि वे समाज सुधार के कार्य में भागीदार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने वाली बेटियों को सम्मानित किया जा रहा है, यह सभी के लिए प्रेरणादायी है।
केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफेयर्स राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि सामाजिक समरसता से ही देश का उत्थान होता है। सामाजिक समरसता की शुरूआत परिवार से होती है। यहीं से यह समाज और देश तक पहुंचती है और देश, विश्व की महानतम् शक्ति बन सकता है। उन्होंने बाबा रामदेव, बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर और मीरा बाई को सामाजिक समरसता के प्रवर्तक बताया।

मेघवाल ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2006 से सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। ट्रस्ट द्वारा गत वर्ष तक 169 जोड़ों का सामूहिक विवाह करवाया गया, जबकि इस बार 27 जोड़े परिणय सूत्र में बंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में दसवीं की परीक्षा में प्रथम तथा जिले में 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली एससी छात्रा को प्रतिवर्ष ‘भावना अवार्ड दिया जाता है। इसके अलावा जयपुर की कानोड़िया कॉलेज में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा को भी यह पुरस्कार दिया जाता है।

समारोह के दौरान बिहार के राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों ने चार छात्राओं को भावना अवार्ड से पुरस्कृत किया। दसवीं बोर्ड में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में प्रथम स्थान पर रहने वाली अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रा सवाईमाधोपुर की प्रियंका रमन, बारहवीं में 95.40 अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम रहने वाली एससी की छात्रा कृतिक चंदन तथा दसवीं में 92.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम रहने वाली भारती चाचड़ के अलावा कानोडिय़ा कॉलेज जयपुर में बीए टॉप करने वाली इस्मां खां को भावना अवार्ड से नवाजा गया। पुरस्कृत छात्राओं को ग्यारह हजार रूपये, स्मृति चिन्ह तथा प्रमाण-पत्र के साथ बाबा साहेब की 125वीं जयंती के अवसर पर भारत सरकार द्वारा जारी 125 और 10 रूपये के विशेष सिक्के भी भेंट किए गए।