हारे हुए प्रत्याशियों पर बीजेपी ने दोबारा लगाया दांव

एटा। सोमवार को बीजेपी ने यूपी के दंगल में उतरने के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। बीजेपी ने इस बार की सूची में एक बार फिर से 2012 में हुए विधानसभा चुनावों में हारे हुए उम्मीदवारों पर दांव खेला है। कल्याण सिंह का गढ़ माने वाले एटा जिले की सभी चारों सीटों में से सिर्फ एक सीट पर बीजेपी ने नया चेहरा उतारा है। बाकी तीन सीटों पर उन नेताओं को प्रत्याशी बनाया गया है जो रण में उतर चुके है हार का सामना कर चुके हैं।

जिले में बीजेपी के घोषित प्रत्याशी 

अलीगंज विधानसभा – सतपाल राठौर
एटा सदर विधानसभा – विपिन वर्मा डेविड
जलेसर विधानसभा – संजीव दिवाकर
मारहरा विधानसभा – वीरेंद्र वर्मा

सिर्फ जलेसर सीट से नया चेहरा

इन प्रत्याशियों में सिर्फ जलेसर सीट से संजीव दिवाकर नए बीजेपी प्रत्याशी हैं। वहीं, बीजेपी ने एटा सदर से विपिन वर्मा डेविड दूसरी बार चुनाव मैदान में उतारा है। इससे पहले विपिन वर्मा 2012 में मारहरा विधानसभा से चुनाव लड़े थे और तीसरे नंबर पर रहे थे। इस बार मारहरा विधानसभा से बीजेपी ने वीरेंद्र वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वीरेंद्र वर्मा भी तीसरी बार चुनाव मैदान में हैं। अलीगंज से सतपाल राठौर इससे पहले तीन चुनाव लड़े। तीनों बार हारे। अब चौथी बार चुनाव लड़ेंगे। कुल मिलाकर बीजेपी ने एटा में हारे हुए प्रत्याशियों पर दांव खेला है।

बाहरी के हाथ लगी निराशा
एटा सदर से बीजेपी की टिकट के दावेदारों में से राकेश गांधी, अजय यादव, रामदुलारे सिंह भदौरिया के हाथ निराशा लगी। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय यादव बहुजन समाज पार्टी छोड़कर कर बीजेपी में शामिल हुए थे। अलीगंज से भी कई बीजेपी नेताओं के अरमान अधूरे रहे गए। विजेंद्र सिंह चौहान का नाम भी शामिल है, जो कुछ दिन पूर्व ही समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आए थे।

नितिश कुमार, संवाददाता