हरियाली और पहाड़ों का खूबसूरत नजारा है…ऊंटी !

ऊंटी एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहां पर चारों तरफ पहाड़ ही पहाड हैं, इसे पर्वतों की रानी के नाम से भी जाना जाता है। ऊंटी दक्षिण भारत का सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक हैं, साथ ही यह जगह हनीमून स्पॉट के लिए भी काफी फेमस है क्योंकि यहां की हरियाली और मौसम दोनो नवविवाहित जोडों को अपनी ओर खींचती है। इसका वास्तविक नाम उदगमंडल है जोकि आदिवासियों का गढ़ हुआ करता था, बाद में चलकर अंग्रजां ने इस क्षेत्र का काफी विकास किया। आज यह भारत का एक मुख्य पर्यटक स्थलों मे से एक है।

ट्रेन से बादलों के बीच की सैर– ऊंटी आकर अगर आप यहां पर ट्रेन में सफर नही किए तो जरुर यहां आना अधूरा रह जायेगा। यह ट्रेन ऊंटी तक की यात्रा में 13 टनलों से होकर गुजरती है। इस ट्रेन की एक खास बात यह भी है कि अभी भी इसको स्टीम वाले इंजन खींच कर के ऊंटी तक ले जाते हैं। यह सफर सभी पर्यटकों के लिए काफी यादगार होता है।

ऊंटी झील-शहर से यह झील 3 किलोमीटर की दूरी पर है, इसी झील के नाम पर शहर का नामकरण किया गया है। यह झील 2.5 किमी लम्बी है, यह झील प्राकृतिक रुप से न हो कर मानव निर्मित है इसका निर्माण 1825 में करवाया गया था। यहां पर आप घुड़सवारी के साथ-साथ बोटिंग का भी मजा ले सकते हैं, साथ ही एक नये प्रकार का आन्नद भी ले सकते है वो है मछली पकड़ना, चारा खरीदने से पहले आपको प्रशासन से मछली पकड़ने की अनुमति लेनी पड़ेगी।

बोटेनिकल गार्डन– इस गार्डन में तकरीबन 650 प्रकार के पेड़ां की प्रजातियां है,जिसकी देखभाल वहां का विभाग करता है। प्रेमी जोड़ों के लिए यह गार्डन काफी लोकप्रिय है। इस गार्डन का निर्माण 1857 में किया गया था
डोडाबेट्टा चोटी- इसे इस शहर की सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है जोकि ऊंटी शहर से 10 किमी की दूरी पर है। यहां से घाटी का नजारा काफी शानदार दिखाई देता है।

कोटागिरी ऊंटी से 25 किमी की दूरी पर यह एक पहाड़ी क्षेत्र है और यहां का मौसम काफी सुहाना होता है साथ ही यहां पर चाय के बहुत खूबसूरत बागान भी है। यहां की यात्रा आपको निराश नहीं करेगी।

कलहट्टी वॉटरफाल– ऊंटी से यह वॉटरफाल 10-12 किमी की दूरी पर है, इसलिए ऊंटी आने पर्यटक यहां पर जरुर आते है। यह झरना करीब 100 फीट ऊंचा है। यहां पर झील के किनारे कई अनेक प्रकार की जानवरों की प्रजातियां देखने को मिलती है, जिसमें चीते,सांभर और जंगली भैंसा शामिल है।

मदुमलाई वन्यजीव अभ्यारण्य-ऊंटी से करीब 1 घण्टे के सफर के बाद यहां पर पहुंचा जा सकता है, यहां पर आसानी से आप हाथी, सांभर, चीतल, हिरन देख सकते हैं, साथ ही यहां पर कई प्रकार के पक्षी भी देखने को मिल जायेंगे। इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में हाथी कैंप भी है।

कब जाएं-अगर आपको ऊंटी जाना हो तो सही समय अप्रैल से जून तक और सितम्बर से नवम्बर तक होता है क्योंकि इस समय मौसम सामान्य रहता है।