न्याय नहीं तो मौत दो ,पीड़ित किसान ने की आत्मदाह की कोशिश : बलिया

उत्तर प्रदेश। बलिया जिलाधिकारी कैम्पस में प्रशासनिक अधिकारिओं के उस समय हाथ पाव फुल गए जब एक ही परिवार के 7 सदस्यों ने गाव के दबंगों से आजिज होकर न्याय नहीं तो मौत दो बैनर लेकर आत्मदाह का प्रयास किया मामला बलिया जनपद के मनियर थाने का है जहां एक लड़की छेड़खानी की वजह से अपनी पढ़ाई छोड़ दी पीड़ित का आरोप है की मेरा परिवार किसान है और गांव के ही दबंगों के सह पर पुलिस ने पीड़ित किसान के परिवार पर 1 दो नहीं पूरे 15 मामले पुलिस में दर्ज करा रखे है, चौकाने वाली बात ये भी की पुलिस ने मामले दर्ज करने में नाबलिको को भी नहीं छोड़ा।

जिलाधिकारी कैम्पस में रोती बिलखती इस बच्ची को जरा गौर से देखिये ये बच्ची अपनी परिवार के न्याय के लिए परिवार के साथ जिलाधिकारी के जनता दरबार में आई है,दर्द इतना है की आंखो से आंसू झलक रहे है बूढ़े किसान पापा पर फर्जी दर्ज मुकदमा वापस और छेड़खानी के कारण पढ़ाई छोड़ चुकी पीड़िता रो रो कर न्याय की गुहार लगा रही है।

पूरा मामला ये है की पीड़ित लड़की जब स्कूल जाती तो आरोपी उसके साथ छेड़खानी करते जब ये बात लड़की अपने परिवार में बताई ,फिर क्या था दबंगों को ये बात नागवार लगी और लड़की सहित उसके पूरे परिवार को मारा पिटा गया। ग्राम प्रधान रामनारायण की माने तो गाव के दबंगों का आतंक इतना है की कोई भी उनके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं और जो उनके खिलाफ बोलता उनकी पिटाई हो जाती है। इस सन्दर्भ में जब जिलाधिकारी बलिया से हमारे संवाददाता ने बात की तो जिलाधिकारी बलिया का कहना है कि ये पारिवारिक मामले है जिनको सुलझाने का प्रयास किया जा रही है ।प्रदेश सरकार भले ही महिलाओं हेतु तमाम कानून बना रही हों। लेकिन अमल कितना हो रहा है इस पर किसी की नजर नहीं। जिस बिगडती कानून व्यवस्था को लेकर यूपी में जो सत्ता परिवर्तन हुआ वह कितना सार्थक है अभी कुछ कहना जल्द्वाजी होगा।