विधानसभा सत्र : राज्यपाल ने अपने अभिभाषाण में बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया

देहरादून,। उत्तराखंड की चौथी निर्वाचित विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत हो गई। सत्र के पहले दिन राज्यपाल डॉ केके पाल ने अभिभाषण दिया। उन्‍होंने भ्रष्‍टाचारमुक्‍त और स्‍वच्‍छ प्रशासन का संकल्‍प, 2011 में भाजपा सरकार के लोकायुक्‍त की नियुक्‍त का संकल्‍प, बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया।सदन में उन्होंने दस पृष्ठों का अभ‌िभाषण लगभग आधे घण्टे में पूरा क‌िया। राज्यपाल के अभ‌िभाषण में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने का ब‌िंदु प्रमुखता से रखा गया। उन्होंने कहा कि राज्य की वर्तमान शिक्षा नीति की समीक्षा कर एक समान व गुणवत्तायुक्त शिक्षा व्यवस्था लागू करने का काम करेगी और ज्ञान केन्द्र के रूप में विकसित की जाएगीं।

उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में युवाओं की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए नई युवा नीति बनाई जाएगी। इसमें खेलकूद स्व-रोजगार व रोजगार क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रतिभाशाली छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी।प्रतियोगी परीक्षाओं के साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों को राज्य के भीतर एवं दिल्ली तक निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राजधानी प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क की समीक्षा कर युक्तिसंगत शुल्क निर्धारित किया जाएगा। राज्य में समस्त विभागों में रिक्त पदों की पदोंन्नति से भरे जाने वाले पदों `को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र भरा जाएगा।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि समस्त साहसिक खेलों का वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा। राष्ट्रीय एशियाई ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सुविधाएं प्रोत्साहन दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के सुविधा युक्त स्टेडियम व मिनी स्टेडियमों की स्थापना की जाएगी। आने वाले पांच वर्षों में रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में पर्याप्त नए अवसर पैदा किए जाएंगे।प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान को मजबूती से लागू कराने हेतु निकायों के ढांचे में मानकों व आबादी के अनुसार पर्यावरण मित्रों की अस्थाई पद सृजित कर नई भर्तियां की जाएंगी।