सेना सीमाओं पर शांति चाहती है लेकिन हम कमजोर नहीं : सेना प्रमुख

नई दिल्ली। नवनियुक्त सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने सीमा पार से हो रही गोलीबारी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि सेना सीमाओं पर शांति और सौहार्द चाहती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम कमजोर हैं। सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने रविवार को यहां अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। सेना प्रमुख ने इस मौके पर कहा कि ड्यूटी देश की सुरक्षा और सीमाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए बाध्य रखती है। हमारा जवान चाहे वो कहीं भी तैनात हो, मेरी नजर में सब एक हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सेना सीमाओं पर शांति और सौहार्द चाहती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम कमजोर हैं।

वरिष्ठता क्रम की अनेदखी कर उन्हें तवज्जो दिये जाने से वरिष्ठ अधिकारियों की नाराजगी संबंधी खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि कहा कि यह सरकार का निर्णय है। मेरे साथ जिन वरिष्ठ अधिकारियों ने काम किया वह सेना के हित में इसे जारी रखेंगे। मुझे उनका पूरा समर्थन प्राप्त है।
लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को भारतीय सेना के 27वें प्रमुख के रूप में कमान संभाली थी। उन्होंने जनरल दलबीर सिंह सुहाग का स्थान लिया है। जनरल रावत दो वरिष्ठतम लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी और पी एम हारिज को पीछे छोड़ते हुए सेना प्रमुख बने हैं।