एक ऐसी नदी जहां रेत से निकलते हैं चांदी के सिक्के

नई दिल्ली। मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती ये देशभक्ति गाना तो आपनें सुना ही होगा लेकिन अब ये सिर्फ गाना ही नहीं हकीकत में बदल गया हैं रविवार को राजस्थान के भरतपुर में कुछ ऐसा हुआ की लोग को अपनी आंखो पर यकीन नहीं हो रहा था ऐसा नजारा शायद ही पहले कभी देंखा होगा भरतपुर के भुसावर की बाणगंगा नदी में रेत की कुदाई के दौरान चांदी के सिक्के निकलने लगे सिक्के निकलने की खबर लोगों के बीच ऐसी फैली जेसे जंगल में आग लगने की खबर फैलती हैं।

जैसे ही खबर पहुंची सिक्कों को लेने के लिए आसपास के लोग जुट गए अकेले नहीं अपने बीबी बच्चों को लेकर एक दूसरे में होड़ लगने लगी सिक्के लेने के लिए आपको बता दें कि नदी के रेत में मिले सिक्के काफी पुराने हैं।
कुछ लोग खुदाई करके सिक्के पाने में कामयाब हुए कुछ को निराश होकर खाली हाथ अपने घर वापस लौटना पड़ा जानकारी के मुताबिक भुसावर के खेडली मोड हिंगोटा सड़क रोड पर बाणगंगा नदी में खुदाई के दौरान सिक्के निकलने की खबर इलाके में तेजी से फैल गई लोग फावड़े और खुदाई के दूसरे औजार लेकर नदी पर पहुंचकर सिक्के निकालने में जुट गए।

स्थानीय खबरों की मानें तो खुदाई में निकले चांदी के सिक्कों पर 1919 और 1904 लिखा हुा हैं और सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया की तस्वीर बनी हुई हैं। जब गांववालों से इस बारें में बात किया गया तो उन्होंने बताया कि काफी लोगों को पानी में से ऐसे सिक्के मिले हैं।