अमेरिका के बम वर्षक विमानों ने दक्षिण चीन सागर के ऊपर लगाई गश्त

टोक्यो। विवादित दक्षिण चीन सागर पर अंतर्राष्ट्रीय दावे की पुष्टि के लिए अमेरिका ने दो बम वर्षक विमानों को पहली बार उस इलाके में गश्त के लिए भेजे। यह जानकारी शुक्रवार को अमेरिकी वायु सेना ने दी। विदित हो कि ये बम वर्षक विमान गुरुवार को ऐसे समय विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में गश्त के लिए भेजे गए जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हैम्बर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात होने वाली है और दोनों नेता उत्तर कोरिया के मुद्दे पर चर्चा करने वाले है। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर लगाम लगाने के लिए चीन को राजी करेंगे।

बता दें कि उल्लेखनीय है कि चीन सम्पूर्ण दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, जबकि उसके पड़ोसी देश जैसे मलेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई, वियतनाम, सिंगापुर और ताइवान भी इस सागरीय क्षेत्र के दावेदार हैं। इसके अलावा यह सागर सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्ग है जिसके जरिए करीब 50 खरब डॉलर का सालाना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार होता है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में चीन की सैन्य सुविधाओं के निर्माण करने की निंदा की है। वह इस बात को लेकर चिंतित है कि चीन इसका इस्तेमाल अपनी सामरिक पहुंच बढ़ाने के लिए कर सकता है।

वहीं दक्षिण चीन सागर पर उड़ान भरने वाले दोनों अमेरिकी विमान पूर्वी चीन सागर में जापानी लड़ाकू विमानों के साथ संयुक्त अभ्यास कर रहे थे। यह पहला मौका है जब दोनों देशों की वायु सेना ने रात्रि में संयुक्त अभ्यास किया है। अमेरिकी वायु सेना के प्रवक्ता मेजर रयान सिम्पसन ने एक बयान जारी कर कहा, “यह हमारे सभी सहयोगियों के साथ हमारी क्षमताओं का एक स्पष्ट प्रदर्शन है।” हालांकि चीन ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है।